आजमगढ़। वर्ष 2020-21 के सापेक्ष प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के विभिन्न उप योजनाओं के कुल 11 मद में 76 लाभार्थी के 648.520 लाख रुपये की परियोजना प्रस्तावित की गई थी। जिसमें 316.168 लाख रुपये अनुदान के सापेक्ष क्रियान्वयन वर्ष 2020-21 में 13.36 लाख रुपये व 2021-22 में 77.408 लाख रुपये का बजट आवंटन प्राप्त प्राप्त हुआ है। उक्त बाते जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना वर्ष 2021-22 की जिला स्तरीय समिति की तृतीय बैठक में कही।
जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत निजी भूमि पर तालाब निर्माण के लिए अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को ऋण की सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि जितने आवेदन निरस्त किए गए हैं, उनकी पुन: जांच कराई जाए। उन्होने कहा कि एनओसी देने वाले संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाकर तत्काल एनओसी देने के प्रकरण का निस्तारण कराना करें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में 60 प्रतिशत केंद्रांश की धनराशित व 40 प्रतिशत राज्यांश की धनराशि होगी। लाभार्थीपरक योजनाओं में सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को कुल इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान तथा अनुसूचित जाति, जन जाति व महिला लाभार्थियों को कुल इकाई लागत का 60 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। शेष लाभार्थी अंश होगा। उन्होंने कहा कि योजनांतर्गत आवेदक को किसी भी प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए निजी भूमि अथवा लीज की भूमि रजिस्टर्ड कम से कम 10 वर्ष विवाद रहित होनी चाहिए एवं आवेदक लाभार्थी अंश की धनराशि व्यय करने में सक्षम होना चाहिए। इस अवसर पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सर्व सम्मति से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से संबंधित पूरक प्रस्ताव कार्य योजना वर्ष 2021-22 को अनुमोदित किया गया। बैठक में जिला कृषि अधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालक विकास अभिकरण, परियोजना निदेशक व उपायुक्त मनरेगा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।