लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के पलिया गांव में पांचवें दिन महिलाओं द्वारा पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ दिए जा रहे धरने में बुधवार को बसपा का प्रतिनिधिमंडल गया चरण दिनकर के नेतृत्व में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें न्याय का भरोसा देते हुए मामला सदन में उठाने की बात कही।
गया चरण दिनकर ने कहा कि दलितों के साथ जिस तरह से योगी सरकार द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है इसे दलित समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अब तक प्रशासन को 24 घंटे के अंदर इतनी बड़ी घटना की रिपोर्ट शासन को दे देनी चाहिए थी। जिस कप्तान और डीएम को अपने दायित्वों का बोध नहीं हो उसे सेवा में रहने का कोई हक नहीं है। पुलिस ने लोगों के सामानों को बर्बाद किया और घरों को तोड़ा, महिलाओं के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की गई। उप्र में हमने इस तरह की अब तक कोई घटना नहीं देखी है। जो बहुत बड़े अपराधी हैं उनके खिलाफ तमाम नरसंहार जैसे मुकदमे कायम हैं ऐसे अपराधियों के साथ भी ऐसी और मानवीय घटनाएं नहीं की जाती हैं। क्योंकि अनुसूचित जाति के लोग हैं और यह सरकार की निगाह में उप्र के निवासी नहीं है और न ही इंसान हैं। इस जिले के डीएम और कप्तान को एससी एसटी एक्ट की धारा का बोध नहीं है इस एक्ट के तहत चाहे वह अपराधी हो या कर्मचारी हो या लोकसेवक हो या अधिकारियों ऐसे लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा कायम होना चाहिए था जो नहीं हुआ। इतना बड़ा आर्थिक नुकसान न्याय और मानवता के विरुद्ध इतना बड़ा तांडव किया गया है उसकी जितना निंदा की जाए वह कम है। प्रतिनिधिमंडल में घनश्याम चंद खरवार पूर्व सांसद, संगीता आजाद सांसद ,हरिश्चंद्र गौतम, विनोद, नीलम कुशवाहा, जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार, मदन राम, रमेश कुमार, अश्वनी आदि उपस्थित थे।