सगड़ी तहसील क्षेत्र के रोहुआर बैदौली में छत्रपति शिवाजी बालिका इंटर कालेज में रविवार को आयोजित दहेज रहित सामूहिक विवाह में गंगा-जमुनी तहजीब में 95 जोड़े एक सूत्र में बंधे। एक तरफ जहां विद्वान पंडित द्वारा 64 जोड़ों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे दिलाए गए, वहीं हाफिज द्वारा चार जोड़ों को निकाह पढ़ाया गया। जबकि 27 जोड़ों बौद्घ धर्म के रीतिरिवाजों के अनुसार शादी की।
क्षेत्र के समाजसेवी रामसकल पटेल द्वारा इस तरह के विवाह का आयोजन 2001 से किया जा रहा है। इसी के तहत, इस वर्ष भी उनके द्वारा दहेज रहित सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। हालांकि, इस विवाह में कुल 121 जोड़ों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन रविवार को सिर्फ 95 जोड़े ही फेरे लेने पहुंचे।
एक तरफ शहनाई की मधुर धुन बज रही थी तो पंडित कपिलदेव आर्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शादी की रस्म पूरी कराई जा रही थी। बरातियों और घरातियों के लिए आयोजकों द्वारा अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। दोनों पक्ष के लोगों के बैठने के लिए टेंट में कुर्सियां लगाई गई थीं।
शादी और निकाह के लिए भव्य मंच बनाया गया था। सभी जोड़ों ने एक साथ एक दूसरे को वर माला डाली। वहीं, जनप्रतिनिधि भी इस विवाह के साक्षी बने। माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव भी विवाह समारोह में पहुंचे। उन्होंने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अपने आप में बेमिसाल है। आज समाज में दहेज रूपी दानव अपनी जड़े पसार चुका है।
उसे खत्म करने के लिए इस तरह के आयोजन एक सफल प्रयास साबित होंगे। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की व्यवस्था थी। एसओ रौनापार मिथिलेश कुमार स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। आयोजक सदस्यों द्वारा लोगों को उचित स्थान दिया जा रहा था। हाफिज तौहिद अहमद फलाही ने चार जोड़ों को मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह पढ़ाया और भंते ने 27 जोड़ों को बौद्घ धर्म के अनुसार एक सूत्र में बांधा।
समारोह के मुख्य अतिथि श्रम सचिव अरुण कुमार सिन्हा और पत्नी अंजू सिन्हा रहे। इस मौके पर विधायक अभय नरायन पटेल, उमेश सिंह गुड्डू, रामकुमार वर्मा, चौधरी लक्ष्मण सिंह, दयाराम पटेल, राममूरत सिंह, अरुण कुमार, आशा सिंह, सोहनलाल, उदय भाष्कर, रीना गुप्ता, मोती लाल, संजय आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता रामकुमार वर्मा और संचालन कल्पनाथ सिंह ने किया। आयोजक रामसकल सिंह पटेल ने सभी का स्वागत किया।