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ठंड के साथ बढ़े ब्रेन स्ट्रोक के मरीज, श्वास रोगियों की भी दिक्कत बढ़ी

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सिविल लाइंस क्षेत्र में सुबह छाया रहा घना कोहरा। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। ठंड के बढ़ने के साथ ही बीमारियां भी बढ़ने लगी है। इन दिनों ब्रेन स्ट्रोक व श्वास के रोगी ज्यादा सामने आ रहे है। जिला अस्पताल हो अथवा प्राइवेट अस्पताल, हर जगह श्वास व ब्रेन स्ट्रोक के मरीज लगातार आ रहे है।
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डॉ. अनूप ने बताया कि ठंड के मौसम में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बहुत बढ़ जाता है। यह मनुष्य को कोमा तक पहुंचाने वाली खतरनाक बीमारी है तो वहीं इसक दूसरा बिगड़ा स्वरूप लकवा है। एक आकड़े के अनुसार प्रतिदिन औसतन 20 लोग इसके शिकार हो रहे है। बीमारों में बुजुर्ग, मधुमेह, हृदय रोगियों की संख्या ज्यादा है। डॉ. अनूप ने बताया कि दिमाग में खून का थक्का जम जाने को ही ब्रेन स्ट्रोक कहते है। ऐसा होने पर दिमाग को आक्सीन व ब्लड की आपूति नहीं हो पाती है और मरीज को लकवा मार जाता है। कई बार बीमार व्यक्ति कोमा में भी पहुंच जाता है। सतर्कता से ही इस बीमारी से बचा जा सकता है। बचने के लिए जहां तैलीय पदार्थो का सेवन करने से बचना चाहिए तो वहीं योग व प्राणायाम करना चाहिए। टहलने की आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। 40 की उम्र पार करने के बाद तो इसे लेकर पूरी तरह से अलर्ट रहना चाहिए। ब्रेन स्ट्रोक के अलावा श्वास के रोगियों की संख्या में भी बढ़ते ठंड ने इजाफा कर दिया है। एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. एके सिंह ने बताया कि श्वास के रोगियो की संख्या काफी बढ़ गई है। ठंड के चलते अन्य प्रकार के बीमारियों से ग्रसित मरीज तो अस्पताल पर आने कम हुए है लेकिन श्वास के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन चार से छह की संख्या में नए मरीज अस्पताल पहुंच रहे है।
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