जनपद में लू का कहर जारी है। लोग उमस और गर्मी से बेहाल हैं। चल रही लू बदन को झुलसा रही है। पसीना पोछते लोगों का दिन बीत रहा है। वहीं विद्युत कटौती इसमें और इजाफा कर रही है। विगत तीन दिनों से अधिकतम 44 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। बृहस्पतिवार की सुबह से ही सूरज के तेवर तल्ख रहे। हालांकि बादलों की आवाजाही के बीच लू के थपेड़े लोगों को बेचैन किए रहे। गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल किए रखा। कामकाज के लिए लोग घरों से तो निकले, लेकिन तेज धूप से अपने को बचाते भी रहे। दोपहर को सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। प्यासे लोग जगह-जगह रखी टंकियों तक तो पहुंच जा रहे थे लेकिन गर्म पानी से उन्हें गला तर करने में परेशानी हुई। वहीं नगर क्षेत्र में लगे वाटर कूलर अभी तक खराब पड़े हैं जिसके कारण राहगीरों को बोतल बंद पानी के सहारे प्यास बुझानी पड़ रही है। लोगों को न तो घरों में चैन मिल रहा है और ना ही बाहर आराम। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरके कुशवाहा ने बताया कि तेज धूप स्किन के साथ सेहत को भी नुकसान पहुंचा सकती है। गर्मी से बचने के लिए पानी का अधिक से अधिक उपयोग करें। वहीं, पूरी आस्तीन की शर्ट पहने। धूप से आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे का इस्तेमाल करें। जरूरत होने पर ही घरों से बाहर निकलें। बताया कि सामान्य से अधिक तापमान शरीर के अंगों के लिए हानिकारक हो सकता है। तापमान बढ़ने से हृदय गति और सांस लेने की गति भी बढ़ने लग जाती है, इससे ब्लड प्रेशर के अधिक होने का जोखिम हो सकता है। इसलिए शरीर के तापमान को संतुलित रखना जरूरी है। इसके अलावा फलों-सब्जियों का सेवन करके भी शरीर के तापमान को बेहतर बनाया जा सकता है। पत्तेदार साग, छांछ, आम, नींबू, दही और नारियल पानी पीने से आपको विशेष लाभ मिल सकता है। गर्मी के दिनों में मिलने वाले कई फल जैसे तरबूज-खरबूज में भी पानी की मात्रा अधिक होती है, इनके सेवन से भी शरीर में पानी की कमी को पूरा करने और तापमान को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।