उप्र संगीत नाटक अकादमी एवं सूत्रधार संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शारदा टॉकीज में आयोजित ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य कार्यशाला का बृहस्पतिवार को समापन हुआ। इस दौरान बच्चों द्वारा उजबक राजा और तीन डकैत का मंचन किया गया। 25 दिनों से चल रही इस कार्यशाला में 23 बच्चे शामिल हैं। कार्यशाला संचालक ममता पंडित के निर्देशन में अलख नंदन द्वारा लिखे गए नाटक उजबक राजा तीन डकैत की शानदार प्रस्तुति दी गई। नाटक की कथावस्तु एक ऐसे राजा की है जिसे विदेशी सामानों से विशेष लगाव है। उसे अपने देश का समान बहुत पसंद नहीं है। उसका मंत्री जो कि एक धूर्त व्यक्ति है, उसके हर गलत निर्णय को सही करार देता है। बदले में राज्य की विकास योजनाओं में घोटाला करता है। राजा का विश्वास पात्र है। मूर्ख राजा विदेशी फैशन डिजाइनर द्वारा कपड़े तैयार करवाने की बात करता है। मक्कार मंत्री इस काम के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करता है। घटनाक्रम का लाभ तीन ठग उठाते हैं। वह विदेशी फैशन डिजाइनर बनकर दरबार में आते हैं और ऐसा पारदर्शी सूट सिलकर पहनाते हैं और राजा से कहते है कि इसकी खासियत यह है कि इसे सिर्फ पढ़े-लिखे विद्वान लोग ही देख सकते हैं।राजा उनके झांसे में आ जाता है और अपने सारे कपड़े उतार कर उनका अदृश्य सूट पहन लेता है और नगर में घूमने निकल जाता है। जब नगर के लोग उसे इस अवस्था में देखते हैं तो खूब खिल्ली उड़ाते हैं। तभी एक छोटा बच्चा पानी राजा को फेंकता है। जिससे राजा को एहसास होता है कि वह तो नंगा है। वह शर्मिंदा होते हुए वहां से भाग जाता है। इस प्रकार इस हास्य विनोद से परिपूर्ण नाटक का अंत होता है। नाटक में अनादि, अभिषेक, आयुष पांडेय, आयुष्मान गुप्ता, श्री मौर्य, अन्वेशा, मिहिका, लक्ष्य, अभिज्ञान, यश, आयुषी, परी पाठक आदि ने अभिनय किया। संगीत मोहम्मद जॉनी ने दिया। कार्यक्रम में उप्र संगीत नाटक अकादमी लखनऊ की कार्यक्रम प्रभारी शैलजा पाठक, सूत्रधार के अध्यक्ष डॉक्टर सीके त्यागी, डॉ पीके राय, डॉ अमित सिंह, मदन मोहन पांडेय आदि उपस्थित रहे।