निजामाबाद थाना क्षेत्र के बड़हरिया गांव मेंं मंगलवार को कोटे की दुकान के चुनाव के बाद जीत का जश्न चल रहा था। इसी बीच दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले मारपीट की इस घटना में 12 लोग घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के बड़हरिया गांव में कोटे के दुकान को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। शिकायत के बाद कोटे की दुकान को दो साल पूर्व निरस्त कर बुद्धसेनपुर गांव के कोटे से संबद्ध कर दिया गया था। कोटे के आवंटन को लेकर पूर्व में कई बार खंड विकास अधिकारी के कार्यालय से प्रस्ताव का प्रयास किया गया, लेकिन विवाद की वजह से नहीं हो सका था।
उप जिलाधिकारी निजामाबाद ने 18 फरवरी को कोटे के चुनाव होना तय किया। एसडीएम निजामाबाद अतुल कुमार गुप्ता समेत ब्लॉक से संबंधित अन्य अधिकारी गांव में चुनाव कराने पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पर्याप्त फोर्स की भी व्यवस्था की गई थी।
चुनाव में दो प्रत्याशी अनीता व राकेश खड़े हुए। मतदान हुआ तो अनीता को 406 मत मिले। वहीं, राकेश को 338 मत मिले। चुनाव संपन्न कराने के बाद अधिकारी और पुलिस वहां से चली गई। अनीता के समर्थक जीत का जश्न मनाने लगे। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे।
इस मारपीट की घटना में दोनों पक्षों से 12 लोग घायल हो गए। घायलों में परवेज खान, अलबाज और शफीक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं बाकी लोग मामूली रूप से घायल हैं। घटना की सूचना मिलते ही निजामाबाद थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। घटनास्थल को संवेदनशील मानते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, सूचना मिलते ही एडिशन एसपी अनंत चंद्रशेखर भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
चुनाव में घालमेल करने का आरोप
शाहिदा खान ने बताया कि वह हारे हुए प्रत्याशी राकेश कुमार यादव के समर्थन में हैं। आरोप है कि आधार कार्ड सत्यापन के बिना ही चुनाव करा दिया गया। हमारे समर्थकों के आधार कार्ड तो चेक किए गए, लेकिन विपक्षी के समर्थकों का आधार सत्यापन नहीं कराया गया। चुनाव में धांधली करने के कारण वह फिर कोटे की दुकान पा गए।
शाहिदा खान का आरोप है कि इस तरह की घटना होने की आशंका को लेकर ही उसने कई बार पुलिस प्रशासन से महिला पुलिस सहित और पुलिस वालों की मांग की थी। यहां अलग-अलग समुदाय के लोग हैं इसलिए यह संवेदनशील भी था। इसके बाद भी चुनाव समाप्त होने तुरंत बाद पुलिस चली गई।
वायरल ऑडियो को लेकर पूरे दिन हुई चर्चा
मारपीट के बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो गया। वायरल ऑडियो में एक महिला दूसरे महिला से बात करते हुए कह रही कि प्रधान चाचा का लड़का लाठी लिए था। वहीं, सब खड़ा रही आ जहिया वोट करे। हम रहब यदि आवे के रही तो आ जहिया अगर वहर से जाहिया तो मत अहिया नहीं ते बहुत बुरा हो जाई। केहूं से डरे के जरूरत न बा। कोटा हटवा दिहा यही से पता चलत होई कि केतन ताकत में हईं हम सबे। आज तक कोई कोटा हटवाया, हम तो हटवा दिए।
एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि निजामाबाद के बड़हरिया गांव में मारपीट की घटना हुई है। वहां पर जाकर घटना की जानकारी ली। अभी तक दोनों पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
निजामाबाद पूर्ति निरीक्षक मनोज सिंह की माने तो पिछले दो वर्ष से बड़हरिया गांव में कोटे का विवाद काफी समय से चल रहा है। दो वर्ष पूर्व कोटा निरस्त हो गया था। इसे बुद्धसेनपुर गांव के कोटे से संबद्ध कर दिया गया था। एसडीएम निजामाबाद के निर्देश पर मंगलवार को गांव में चुनाव कराया गया। चुनाव संपन्न कराने के बाद सभी अधिकारी वहां से चले गए। इसके बाद क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं है।