नोटबंदी के 17वें दिन शुक्रवार को भी कुछ बैंकों की शाखाओं से रुपये न मिलने पर भड़के ग्रामीणों के रोष का सामना बैंक कर्मचारियों को करना पड़ा। खुझिया बाजार स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर में कैश न होने के कारण भुगतान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने आजमगढ़-बलिया मार्ग पर चक्काजाम किया। वहीं कई बैंकों में लोगों ने हंगामा किया। प्रबंधकों से तकझक की।
अमिलो संवाददाता के अनुसार, आजमगढ़-बलिया मुख्यमार्ग के खुझिया बाजार में स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर शुक्रवार की सुबह से ही लोग कैश लेने के लिए लाइन में लगे थे। निर्धारित समय पर बैंक खुला लेकिन कैश न होने के कारण जब कैश का भुगतान नहीं किया गया तो नाराज लोगों ने पूर्वाह्न लगभग 11 बजे आजमगढ़-बलिया मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे लोहरा चौकी इंचार्ज राजीव कुमार यादव ने दोपहर 12 बजे लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।
लाटघाट संवाददाता के अनुसार, शुक्रवार को सगड़ी तहसील क्षेत्रों के कई बैंकों में कैश नहीं था। लोगों की भीड़ को देखते हुए बैंककर्मियों ने बैंक गेट में ताला बंदकर दिया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मुहम्मदपुर और लाटघाट में लोगों को बैंक प्रबंधक को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बैंक पर कई दिनों से कैश न होने के कारण लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। इसके कारण उनके सारे आवश्यक कार्य बाधित हैं।
वहीं, एसबीआई की शाखा बेलकुंडा में हालात सामान्य होने की ओर हैं। हालांकि बैंक पर लंबी लाइन तो लग रही है लेकिन किसी को कोई परेशानी नहीं हो रही है। कैशियर रंजय कुमार ने कहा कि हालात सामान्य हो गया है। थोड़ी कैश की दिक्कत है। वहीं, क्षेत्र के काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक लाटघाट, हाजीपुर, रौनापार और पोस्ट ऑफिस पर अभी भी लेनदेन नहीं हो रहा है।
मुबारकपुर संवाददाता के अनुसार, गुरुवार को पेट्रोल पंपों पर पुरानी नोटों से पेट्रोल लेने वालों की लंबी लाइन लगी रही। कस्बा स्थित बैंकों पर लोगों की लंबी कतार लग रही है। वैसे तो कस्बे में विभिन्न बैंकों में दर्जनों एटीएम हैं, जिसमें से अधिकतर एटीएम में ताले लटके हैं। जो खुले हैं उनमें पैसा ही नहीं है। कस्बा निवासी नागेंद्र, मुहम्मद हस्सान, नौशाद अहमद आदि का कहना है कि बैंकों से पैसों के लिए चौबीस घंटों से लाइन में खड़े होने के बावजूद बिना पैसे के ही वापस होना पड़ता है।