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आंदोलन के छह माह होने पर मनाया काला दिवस

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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को रैदोपुर स्थित कार्यालय पर किसान आंदोलन के छह माह पूरा होने और मोदी सरकार के सात वर्ष पूरा होने पर काला दिवस के रुप में मनाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा. रवींद्र राय ने कहा कि देश में लागू तीनों काले कृषि कानून न केवल किसानों के विरुद्ध है, बल्कि यह अनाज को पूंजीपतियों के गोदामों में कैद कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तहस-नहस करने का कानून है। इन कानूनों के खिलाफ विगत छह माह से किसान दिल्ली सहित पूरे देश में आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन पूंजीवादी, मुनाफाखोर कार्पोरेट शक्तियों के दबाव में सरकार झूकने को तैयार नहीं है। उन्होंने सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने के साथ बिजली बिल 2020 वापस लेने, आंदोलन में गिरफ्तार किसान नेता, पत्रकार, बुद्धिजीवियों पर लगे मुकदमे हटाने जाने की मांग की। कहा कि पूरे देश में निजीकरण, विभागों में छटनी, पूंजी के संकेद्रण की व्यवस्था लागू होने से महंगाई, बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। गोष्ठी की अध्यक्षता अंबिका पटेल, संचालन राहुल ने किया। इस अवसर पर संदीप, अवधेश यादव, शिवधन यादव, राकेश, मीनू राय, कन्हैया लाल यादव, अनिल चतुर्वेदी, अनिल प्रजापति, दानबहादुर मौर्य आदि शामिल रहे। इसी प्रकार जनवादी लोकमंच, किसान संग्राम समिति, अखिल भारतीय छात्र मंच ने वर्चुअल रुप में किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार विरोधी काला दिवस मनाया। अंबारी संवाददाता के अनुसार किसान आंदोलन के समर्थन में अंबारी में भाकपा कार्यालय पर किसान सभा के उपजिलामंत्री राम नेत यादव के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर शफीक अहमद , जवाहर यादव , रबिन्द्र , लालू , इमरान , अम्बिका यादव , यूनुस शाह आदि रहे ।
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