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परिवार के मोह से नहीं निकली भाजपा-सपा

Sat, 11 Nov 2017 11:34 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
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bjp - फोटो : FILE PHOTO
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आजमगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही राजनीति में परिवारवाद का विरोध करते हों लेकिन नगर निकाय चुनाव में उनकी पार्टी ने टिकट बंटवारे में इस बात का ख्याल नहीं रखा है। सपा भी इस मामले में अछूती नहीं है। कई स्थानों पर पार्टी ने निवर्तमान और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के पति या पत्नी को उम्मीदवार बनाया है।
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नगर निकाय चुनाव में हुए नामांकनों पर गौर करें तो पाएंगे कि कई प्रत्याशी ऐसे हैं जिनके परिवार का कभी न कभी नगरपालिका या नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी से नाता जरूर रहा है। या फिर उसके परिवार का कोई प्रभावशाली नेता रहा है।

नगर पालिका आजमगढ़ की बात करें तो यहां से शीला श्रीवास्तव एक ऐसी उम्मीदवार हैं जो पूर्व में भी पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं। इतना ही नहीं उनके पति भी तीन बार इस कुर्सी पर बैठ चुके हैं।
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वहीं मुबारकपुर नगरपालिका की स्थिति देखें तो मुबारकपुर नगर पालिका से तीन बार नपाध्यक्ष रह चुके डा. शमीम अहमद ने अपनी पत्नी हबीबुननिशा को मैदान में उतारा है। वहीं सपा ने पूर्व चेयरमैन स्व. हाजी मुहम्मद युनूस अंसारी की पत्नी पूर्व पालिकाध्यक्ष करीमुन्निशा पर दांव लगाया है।

वहीं अगर नगर पंचायतों की स्थिति देखें तो सबसे पहला नाम माहुल नगरपंचायत का आता है। जहां पूर्व सांसद रमाकांत यादव की पत्नी और भाजपा के फूलपुर विधायक अरूणकांत यादव की मां सत्यभामा यादव को भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है।

अतरौलिया नगर पंचायत में सपा ने निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री देवी जायसवाल के पति पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सुभाष चंद्र जायसवाल को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष दमड़ी लाल के पुत्र दिनेश मद्घेशिया को मैदान में उतारा है।

वहीं महराजगंज में सपा ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सीताराम की पत्नी रेनू को प्रत्याशी बनाया है तो भाजपा ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ओमप्रकाश की पत्नी गीता को मैदान में उतारा है।
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