थाने पर सुनवाई न होने से नाराज भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य विरजानंद तिवारी बृहस्पतिवार को समर्थकों के साथ थाने के सामने धरने पर बैठ गए। अपनी ही सरकार में सुनवाई न होने से वह खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि जब कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी जा रही तो आम जनता की क्या सुनी जाएगी।
धरनारत विरजानंद का आरोप है कि वह अपने घर के सामने स्थित आबादी की जमीन का उन्होनंे बैनामा कराया है। उनके पास सारे दस्तावेज मौजूद हैं। सप्ताहभर पूर्व वह इसी जमीन पर ऑलवेस्टर लगावा रहे थे। इसी दौरान विपक्षी पहुंचे और गालीगलौज करने के साथ ही मारपीट पर आमादा हो गए। ऑलवेस्टर तोड़ कर उठा तक ले गए। शिकायत थाने पर की तो पुलिस ने विपक्षियों के साथ ही उनका भी शांतिभंग में चालान कर दिया। अब वह थाने से लेकर तहसील तक चक्कर लगा रहे है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
तहसील पर जाने पर कहा जाता है कि थाने पर जाइए और थाने पर आने पर तहसील भेजा जा रहा है। बताया कि अपनी ही सरकार में पुलिस व अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे है। जब एक कार्यकर्ता के साथ ऐसा हो रहा है तो आम जनता की क्या सुनी जाती होगी। उन्होंने चेताया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता वह धरने पर बैठे रहेंगे। कहा कि उन्होंने इस बारे में पार्टी पदाधिकारियों को भी अवगत करा दिया है।
उधर, एसडीएम बूढ़नपुर प्रशांत कुमार ने बताया कि कागजात देखने के बाद ही पता चलेगा कि क्या मामला है। कागजात प्रस्तुत किया जाए तो पुलिस व राजस्व विभाग की टीम भेज कर समस्या का समाधान करा दिया जाएगा।