आजमगढ़। दहेज उत्पीड़न के मामले में स्वयं और पत्नी और बेटे के जमानत मिलने के बाद भाजपा के पूर्व प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और स्वच्छता अभियान के सह संयोजक बृजेश दुबे ने इसे सत्य की जीत बताया। वह अपने आवास पर आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में बोल रहे थे।
दुबे ने आगे कहा कि मेरे परिवार पर झूठे आरोप लगाते हुए शहर कोतवाली में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह पूरी तरह से गलत था। मामले में कोर्ट ने मेरा पक्ष सुना और साक्ष्य के आधार पर जमानत दी। आज स्पष्ट हो गया कि सत्य परेशान होता है लेकिन कभी पराजित नहीं। उन्होंने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के कोल बाजबहादुर निवासी दिनेश तिवारी ने दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। लड़की के घर पुजारी पूजा करते थे वह हमारे यहां भी पूजा कराते थे। उन्हीं ने शादी तय कराई थी। शादी तय होने के बाद लड़की के पिता ने घर बनवाने के नाम पर एक बार पांच लाख, दूसरी बार तीन लाख और तीसरी बार दो लाख रुपये उधार लिए थे। उसी पैसे को हड़पने की नियत से इतना बड़ा षडयंत्र रचे। मुझे व मेरे परिवार को बदनाम करने के लिए केस दर्ज कराया। शादी में लड़की के पिता की ओर से मुझे सिर्फ एक लाख 11 रुपये शगुन के नाम पर गोद भराई में दी गई थी। तिवारी का आरोप था कि अपने बेटे को डाॅक्टर बताकर शादी तय किए थे वो आरोप भी गलत था। उन्होंने बताया कि फार्मेसी की डिग्री लेने के बाद नाम के आगे डाॅक्टर लिखा जा सकता है। मैंने पल्हनी में ट्रेनिंग की बात कही थी नौकरी करने की बात नहीं। उन्होंने कहा कि जब मैंने पैसे मांगे तो उन्होंने मेरे खाते में पैसे भेजे जिसे वह दहेज का पैसा बता रहे हैं।