आजमगढ़। महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पर राहुल नगर स्थित रविंद्रनाथ त्रिपाठी के आवास पर आयोजित गोष्ठी मे अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार मिश्र ने कहा कि महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जन्मतिथि और जन्म स्थान के संबंध में आज तक विवाद है। उनके बाल्यकाल संबंधी अनेक दंत कथाएं प्रचलित है। कोई उन्हें अभुक्त मूल में पैदा होने के कारण माता-पिता द्वारा त्याग दिए जाने की बात कहता है तो कोई एक दाई द्वारा उनके पालन-पोषण और जगन्माता पार्वती द्वारा दूध पिलाने की कथा कहता हैं। इतना तो अवश्य है कि वह एक प्रतिभा संपन्न बालक के रुप में उत्तर प्रदेश में पैदा हुए थे और हिंदी काव्य में अमरत्व प्राप्त किया।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे अमरनाथ तिवारी ने कहा कि इस जिले के एक महान साहित्य शोधक आचार्य चंद्रबली पांडेय ने गोस्वामी तुलसीदास जी के जन्म स्थान संबंधी अपने शोध में कहा है कि तुलसीदास जी का जन्म राजापुर नामक स्थान पर हुुआ था जो बांदा जिले में न होकर गोंडा जिले में स्थित है जो अयोध्या के निकट है। जगदीश प्रसाद बर्नवाल कुंद की विदेशी विद्वानों की दृष्टि में हिंदी रचनाकार पुस्तक पर चर्चा की। संचालन डा. श्रीनाथ सहाय ने किया। कार्यक्रम को प्रभुनारायण पांडेय, डा. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, जनमेजय पाठक, राधेश्याम तिवारी, रवींद्र तिवारी, यादवेंद्र तिवारी, जगदंबा प्रसाद पांडेय, जनार्दन विद्यार्थी, हरिश्चंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया। अंत में रवींद्रनाथ त्रिपाठी ने सभी का आभार प्रकट किया। इस मौके पर पद्मनाथ श्रीवास्तव, निशीथ रंजन तिवारी, प्रभात बर्नवाल, सुनील कुमार पांडेय, रामनयन पांडेय, अखिलेश कुमार राय आदि उपस्थित थे।