दर्ज मुकदमे के मुताबिक शुमार शिबली इंटर कॉलेज को हिंदी व अंग्रेजी माध्यम से मान्यता प्राप्त है। छात्रों का निर्धारित शुल्क क्रमश: कक्षा छह से आठ तक का शून्य, कक्षा नौ के लिए 469, 10 के लिए 895 , 11 के लिए 542 और इंटर के लिए 1053 रुपये प्रति छात्र वार्षिक है।
आरोप है कि विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य व पूर्व प्रबंधक ने एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2021 तक बिना वित्तविहीन मान्यता के ही संस्थागत विद्यालय कोड संख्या-1049 अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को वित्तविहीन का बनाकर कक्षा छह से आठ तक के छात्रों से 8800 रुपये, कक्षा नौ से 10 तक के छात्रों से 10500 रुपये और कक्षा 11 से 12 तक के छात्रों से 11700 रुपये प्रति छात्र वार्षिक वसूल किया गया।
डीआईओएस उमेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई जांच में आरोप की पुष्टि हुई। जिस पर विद्यालय के वर्तमान प्रबंधक के माध्यम से तत्कालीन प्रधानाचार्य व प्रबंधक के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है।