आजमगढ़। पेट्रोलियम और गैस की किल्लत के बाद अब खाद की उपलब्धता को लेकर बाजार में फैल रही अफवाहों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। खरीफ सीजन शुरू होने से पहले खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम संकट की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने विशेष अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि विभाग और प्रशासनिक टीम संयुक्त रूप से खाद बिक्री केंद्रों की निगरानी करेंगी।
अधिकारियों के अनुसार, कई क्षेत्रों में खाद की कमी की अफवाह फैलने से किसान समय से पहले खरीदारी करने लगते हैं। इससे बाजार में दबाव बढ़ता है और कुछ कारोबारी इसका फायदा उठाकर जमाखोरी शुरू कर देते हैं। इसे रोकने के लिए अब खाद दुकानों पर लगी ई-पॉश मशीनों के डाटा की जांच की जाएगी। इससे यह पता लगाया जाएगा कि किस किसान ने कितनी मात्रा में खाद खरीदी और किसी एक व्यक्ति द्वारा जरूरत से अधिक खरीद तो नहीं की गई। प्रशासन की ओर से खाद विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना पंजीकरण और निर्धारित प्रक्रिया के खाद बिक्री नहीं की जाएगी। दुकानों पर स्टॉक रजिस्टर और बिक्री विवरण भी नियमित रूप से जांचे जाएंगे। कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ सीजन में खाद की मांग बढ़ने से पहले पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
जिले में खरीफ सीजन में धान के बेहन डालने की किसान तैयारी शुरू कर दिए हैं। विभाग उर्वरक की दुकानों पर औचक निरीक्षण कर रहा है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। जरूरत के मुताबिक उर्वरक सभी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।