शहजाद अहमद को बिलरियागंज क्षेत्र स्थित घर से गिरफ्तार किया गया था
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स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिदीन के कुछ आतंकी बाटला हाउस इलाके के एक मकान में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर 19 सितंबर, 2008 की सुबह इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा समेत कई पुलिस अधिकारी उस वक्त मौके पर पहुंचे और आतंकियों को घेरने का प्लान बनाया। इसी दौरान आतंकियों के साथ बाटला हाउस के मकान नंबर एल-18 में मुठभेड़ हो गई।
बाटला हाउस केस (फाइल फोटो)
मुठभेड़ में शहजाद के दो साथी आतिफ आमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए थे। इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। वहीं, एक आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया गया था। इस एनकाउंटर में शामिल आरिज नाम का एक अन्य आतंकवादी भागने में कामयाब हो गया था, लेकिन बाद में उसे नेपाल से गिरफ्तार कर लिया गया था। बाटला हाउस केस में आतंकी आरिज खान को पहले ही फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।