उलेमा कौंसिल के धरने को संबोधित करते आमिर रशादी।
दिल्ली का बटला हाउस फर्जी एनकाउंटर किसी जाति धर्म का मामला नहीं बल्कि न्याय और अन्याय का मामला है। इसके लिए सभी धर्मों के लोगों को मिलकर लडना होगा। इस घटना के बाद आजमगढ़ को आतंकगढ़ का दर्जा देकर जिलेवासियों पर यह बदनुमा दाग लगा दिया गया।
यही कारण है कि आज आजमगढ़ के नाम पर किसी दूसरे राज्य या जनपद में यहां के लोगों को काम नहीं मिलता है। ये बातें सोमवार को बटला हाउस की आठवीं बरसी पर अंबेडकर पार्क में आयोजित धरना प्रदर्शन के बाद आयोजित जनसभा में राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने कही। कहा कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता है यह लड़ाई जारी रहेगी।
राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी ने कहा कि देश में सैकड़ों एनकाउंटर हुए और सभी की न्यायिक जांच हुई लेकिन बटला कांड की न्यायिक जांच क्यों नहीं कराई गई। यही कारण रहा कि राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल ने इस मामले को उठाकर पूरे देश का मुद्दा बनाया। राहुल गांधी इस मुद्दे से बच नहीं सकते हैं।
वह जहां-जहां अपनी खटिया बिछाएंगे कौसिल के लोग खटिया खड़ी करने का काम करेंगे। उन्होंने आपसी एकता बनाए जाने पर जोर दिया। जनसभा को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मौलाना सहाब अख्तर, हाफिज अब्दुल खालिक, मौलाना अलीहसन कुम्मी, मौलाना सैय्यद बुखारुद्दीन ने संबोधित किया। अंत में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर के माध्यम से दिया गया। जनसभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हाजी शकील अहमद और संचालन शमीम ने किया।