मांगों को लेकर बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताते बड़ौदा यूपी बैंक के कर्मचारी।
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आजमगढ़। विभिन्न केन्द्रीय श्रम संगठनों के साथ बैंक यूनियनों ने भी श्रम कानूनों में बदलाव को लेकर शुक्रवार को काला फीता बांधकर कार्य करते हुए विरोध जताया। यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चन्द्र तिवारी ने सरकार के श्रमिक विरोधी रवैये की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के श्रम कानून संशोधन के लम्बित प्रस्ताव के बीच ही मध्य प्रदेश व गुजरात समेत कई राज्यों ने कोरोना संकट के समय उद्योग जगत और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के बहाने श्रम कानूनों में बदलाव करने का फैसला लिया है। इसके कारण मजदूरों को प्रतिदिन या प्रति शिफ्ट आठ घंटे के बजाय बारह घंटे काम करना पड़ेगा। इसके अलावा और भी अनेक बदलाव श्रमिकों व श्रम संगठनों के विरूद्ध है। यूनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियंस के आह्वान पर बड़ौदा यूपी बैंक के भी कर्मियों ने काला फीता बांधकर कार्य किया। अमीर अहमद, सुभाष चन्द्र श्रीवास्तव, हरेन्द्र कुमार अस्थाना, मोहम्मद शाहिद, आशीष तिवारी व बालरूप यादव आदि रहे।