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बनबसा बैराज से छोड़े गए ढ़ाई लाख क्यूसेक पानी का असर

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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी में बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी का असर अब दिखने लगा है। नदी के जलस्तर में विगत 24 घंटों में 71 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
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बृहस्पतिवार को बनबसा बैराज से ढ़ाई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। 24 घंटे में 71 सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। घाघरा नदी के जलस्तर में एकाएक वृद्धि से देवारावासियों की धड़कन तेज हो गई है। तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गई है। गांगेपुर, परसिया, देवारा खास राजा के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई है। प्रशासन पूरी तरह से मौन है।
जनपद के उत्तरी भाग में प्रवाहित नदी की धारा से शुरू हुई कटान अनवरत जारी है। जिससे हजारों एकड़ खेती योग्य जमीन घाघरा में विलीन हो चुकी है। महुला गढ़वल बांध के उत्तर देवारा खास राजा और गांगेपुर, परसिया के तहत आने वाले दर्जनों किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने भविष्य में कटान रोकने का कोई इंतजाम अब तक नहीं किया है। एक सप्ताह शांत रहने के बाद मंगलवार से नदी ने फिर बढ़ने लगी है और कटान शुरू कर दिया। गांव का वजूद मिटने की आशंका से ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल है। मंगलवार रात में कटान से किसानों के खेतों में धान, गन्ना, मक्का आदि की फसलें कट रही है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि समय रहते अगर ठोकर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया होता तो आज यह हालत नहीं होती।
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बुधवार को घाघरा नदी का जलस्तर डिघिया गेज पर 68.99 मीटर दर्ज किया गया था जो बृहस्पतिवार को बढ़कर 69.69 मीटर हो गया। वहीं बदरहुंआ गेज पर बुधवार को नदी का जलस्तर 69.61 मीटर दर्ज किया गया था जो बृहस्पतिवार को बढ़कर 70.30 मीटर हो गया।
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