एक पक्ष से पांच, दूसरे से छह लोग घायल
पथराव में पहले पक्ष के नारद चौहान (62), उमेश चौहान (40), रामभवन चौहान (48), अमरावती देवी (42) और निर्मल चौहान (65) घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष के शैलेश चौहान (30), राजेश चौहान (45), सूर्यभान चौहान (55), इंद्रकला (20), सूरज चौहान (19) और सजल चौहान (20) को चोटें आई हैं।
प्रतिमा खंडित होने का आरोप, विसर्जन को लेकर भी तनाव
नारद चौहान के परिजनों ने आरोप लगाया कि पथराव के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा भी खंडित हो गई। परिजनों का यह भी कहना है कि उन्होंने 18 अक्टूबर को थाने में प्रार्थना पत्र देकर विपक्षियों पर जान-माल की धमकी देने का आरोप लगाया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों के मुताबिक, घटना में 26 दिन के एक बच्चे को भी चोट आई है।
घटना के बाद तनाव के कारण परिजन प्रतिमा विसर्जन के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि परिवार के लोग थाने में बैठे हैं और उनके घर लौटने तक विसर्जन नहीं किया जाएगा। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद बुधवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे पुलिस की निगरानी में वाहन से प्रतिमा का विसर्जन अहरौला की तमसा नदी में कराया गया।
हिरासत में लिए गए लोग, जांच जारी
थानाध्यक्ष रामकिशोर शर्मा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में घटना की सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।