आजमगढ़। किसी शहर के वाहन खरीदने पर अपने जिले का नंबर ही मिलेगा। नई व्यवस्था परिवहन विभाग के सारथी साफ्टवेयर के अपडेट होने के बाद आठ दिसंबर से लागू हो जाएगी। साफ्टवेयर अपग्रेड करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया रोक दी गई है।
नई गाड़ी लेने पर अब डीलर प्वाइंट से ही गाड़ी का नंबर मिल जाएगा। डीलर ही शुल्क लेकर पंजीकरण कर देगा। इस काम के लिए एआरटीओ कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा। नई व्यवस्था में अस्थाई रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा। वीआईपी नंबर की ऑनलाइन बुकिंग होगी। वीआईपी नंबर भी डीलर प्वाइंट से ही मिल जाएगा। वहीं जिन गाड़ियों को खरीदने के बाद बॉडी अलग से बनती है उनका अस्थाई पंजीकरण एक महीने के बजाए अब छह महीने के लिए वैध होगा। नई व्यवस्था को लेकर एआरटीओ कार्यालय ने सभी डीलर प्वाइंट को लंबित मामलों को इसी माह निपटाने का निर्देश दिया है। ऐसे में छह और सात दिसंबर को सारथी साफ्टवेयर को अपग्रेड किया जाएगा। नई व्यवस्था आठ दिसंबर से लागू हो जाएगी। एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र यादव ने बताया कि नई व्यवस्था को लेकर सभी डीलरों को पत्र लिखा गया है। अब देश के किसी शहर के गाड़ी लेने पर होम टाउन का नंबर लिया जा सकेगा। अभी गाड़ी ट्रांसफर कराने में काफी दिक्कत होती थी। गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन के सभी मामलों को इसी माह तक निस्तारित करने के लिए डीलरों को निर्देशित किया गया है। आठ दिसंबर से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।