घटना के बाद मृतक की मां चन्द्रकला निवासी सराय खुरसू, थाना देवगांव ने थाना मेहनाजपुर में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान अजीत यादव उर्फ भन्टा का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया।
पुलिस को ऐसे मिली सफलता
बुधवार की रात करीब 1:40 बजे थाना मेहनाजपुर पुलिस करसड़ा नहर पुलिया के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भागने लगा। पीछा करने पर उसकी मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। घिर जाने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
सीओ भूपेश पांडेय ने बताया कि पूछताछ में अजीत यादव उर्फ भन्टा ने स्वीकार किया कि वह अपने भाई आशीष यादव और अन्य साथियों के साथ शादी समारोह में गया था। भोजन करने को लेकर प्रीतोष राजभर और ओटू राजभर से विवाद हुआ, जिसके बाद सभी ने मिलकर दोनों पर लाठी-डंडों से हमला किया। हमले में प्रीतोष राजभर के सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुलिस टीम पर फायरिंग करने की बात भी स्वीकार की।