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आजमगढ़: दिव्यांग को बना दिया संविदा परिचालक, 2025 में जारी हुआ था लाइसेंस; मेडिकल प्रमाणपत्रों की होगी जांच

Sun, 25 Oct 2026 05:54 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

आजमगढ़ में एक दिव्यांग व्यक्ति को संविदा परिचालक बनाए जाने के मामले की जांच होगी। संबंधित परिचालक का लाइसेंस वर्ष 2025 में जारी हुआ था। अब उसकी नियुक्ति में निर्धारित पात्रता, मेडिकल प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी। मामले में अनियमितता मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
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आजमगढ़ डिपो की सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के आजमगढ़ डिपो में संविदा परिचालक सुमन यादव की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता कृपामणि तिवारी ने उनकी शारीरिक स्थिति के मद्देनजर नियुक्ति के समय निर्धारित मेडिकल फिटनेस और पात्रता संबंधी नियमों के पालन की जांच कराने की मांग की है।

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इस संबंध में निगम के प्रबंध निदेशक, क्षेत्रीय प्रबंधक और आजमगढ़ डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को प्रार्थना पत्र भेजकर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।

शिकायत में सवाल उठाया गया है कि संविदा परिचालक के पद पर नियुक्ति के समय संबंधित कर्मचारी का अधिकृत मेडिकल परीक्षण किस चिकित्सा अधिकारी ने किया था और फिटनेस प्रमाणपत्र कब जारी हुआ था।
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साथ ही, आवेदन पत्र और घोषणा-पत्र में शारीरिक स्थिति से जुड़े तथ्यों का सही उल्लेख किए जाने और नियुक्ति के दौरान निर्धारित शर्तों का पालन होने की भी जांच कराने की मांग की गई है। कृपामणि तिवारी ने नियुक्ति से जुड़े संपूर्ण अभिलेखों, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और संविदा संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कराने का अनुरोध किया है।

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मामला मेरे संज्ञान में अभी नहीं आया है। इस बारे में एआरएम आजमगढ़ डिपो बेहतर जानकारी दे पाएंगे। जहां तक दिव्यांगता की बात है, वह कितनी है, यह जांच में पता चलेगा। यदि ऐसा कुछ है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - जगदीश प्रसाद, आरएम आजमगढ़

रोडवेज बस में पैर से दिव्यांग व्यक्ति को परिचालक की नौकरी नहीं दी जा सकती है। महिला परिचालक सुमन यादव के संबंध में शिकायत मेरे पास आई थी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मैंने आरएम को रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही, एआरटीओ और सीएमओ कार्यालय को पत्र भेजकर महिला परिचालक के अभिलेखों का सत्यापन कराने के लिए कहा गया है। सवाल यह है कि यदि महिला दिव्यांग थीं, तो उनके प्रमाणपत्रों में दिव्यांगता शून्य कैसे दिखाई गई है। फिलहाल, दोनों कार्यालयों से रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार सिंह, एआरएम आजमगढ़ डिपो
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परिवहन विभाग की ओर से परिचालक लाइसेंस जारी किया जाता है। वर्ष 2025 में लाइसेंस जारी किया गया था। अब इसकी जांच की जाएगी कि लाइसेंस कैसे बनाया गया। यह भी जांचा जाएगा कि संबंधित अभ्यर्थी लाइसेंस जारी किए जाने के लिए पात्र था या नहीं। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - प्रमोद कुमार गौतम, आरआई आजमगढ़
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