ई-वे बिल ऑफिसर्स लॉगिन एप पर जांच के दौरान एक ई-वे बिल संख्या 652064414705 तिथि 23 फरवरी 2026 जनरेट पाया गया, लेकिन भौतिक सत्यापन में उक्त ई-वे बिल से संबंधित कोई भी माल वाहन पर मौजूद नहीं था। पुनः जांच में स्पष्ट हुआ कि ई-वे बिल का पार्ट-बी रेल परिवहन के लिए अपडेट किया गया था, जिससे यह प्रमाणित हुआ कि संबंधित माल का परिवहन इस वाहन से नहीं किया जा रहा था।
जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य के करयोग्य माल का परिवहन बिना वैध टैक्स इनवायस व ई-वे बिल के किया जा रहा था, जो जीएसटी अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। इसे लेकर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के अनुपालन में माल स्वामी से भिन्न व्यक्ति (पर्सन इन चार्ज ऑफ गुड्स) द्वारा शुक्रवार को कुल 7,36,596 की धनराशि अर्थदंड के रूप में जमा कराई गई।