रैंडमाइजेशन सूची और चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज भी जांचे
जांच के दौरान रैंडमाइजेशन सूची में शामिल अभ्यर्थियों के शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन और साक्षात्कार में शामिल होने से संबंधित प्रमाणों की पड़ताल की गई। चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षिक दस्तावेजों की पत्रावलियों की भी जांच हुई।
इस दौरान सामने आया कि साक्षात्कार की प्रक्रिया में शासनादेश के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने पूर्व में कराए गए सभी साक्षात्कार निरस्त करने का फैसला लिया।
सीडीओ की निगरानी में दोबारा होगा साक्षात्कार
अब भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से पूरा कराया जाएगा। इसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसी समिति की निगरानी में दोबारा साक्षात्कार होगा। प्रशासन का कहना है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
डीएम बोले- नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि ईसीसीई एजुकेटर भर्ती से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई गई थी। जांच समिति की रिपोर्ट में साक्षात्कार के दौरान शासनादेश के प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसे गंभीरता से लेते हुए पूर्व की साक्षात्कार प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। अब सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति की निगरानी में नए सिरे से साक्षात्कार कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्या काम करते हैं ईसीसीई एजुकेटर
ईसीसीई का पूरा नाम अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन है। ईसीसीई एजुकेटर का काम तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देना और उनके सर्वांगीण विकास में मदद करना है। इसके तहत बच्चों की भाषा, शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक क्षमताओं को विकसित किया जाता है। साथ ही उन्हें प्राथमिक विद्यालय के माहौल के लिए तैयार किया जाता है।