साल 2024 में उसने आजमगढ़ जिले के गोछा गांव के प्रधानपति मो. आरिफ को इसी तरीके से ठगी का शिकार बनाया। खुद को राजभवन का सचिव बताकर उसने आरिफ से कुल 8,26,995 रुपये ठग लिए। ठगी का यह सिलसिला कई जिलों में फैला हुआ था।
आरोपी पंकज यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। इतना ही नहीं उनसे खुद के मरने की झूठी खबर तक फैला दी। उसने फर्जी मौत की तस्वीरें बनाकर परिजनों और जान-पहचान वालों के साथ-साथ पुलिस तक पहुंचाई। हालांकि पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सटीक लोकेशन के आधार पर उसे चित्रकूट जिले से दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी पंकज यादव बाराबंकी जनपद के असन्द्रा थाना क्षेत्र के नाथूपुर सूरजपुर 35 रामसनेही घाट का निवासी है।