ऐसे दिया वारदात को अंजाम
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभियुक्त अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को विभिन्न मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल करता था। खुद को पुलिस या अन्य अधिकारी बताकर, वे पीड़ित के खाते से गलत लेन-देन होने और मुकदमा दर्ज होने का भय दिखाकर 'डिजिटल अरेस्ट' कर लेते थे। इसके बाद, गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पीड़ितों से धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभियुक्त के कब्जे से 02 मोबाइल फोन, 2,070 रुपये नगद और विभिन्न मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामदगी के आधार पर, मुकदमे में धारा की बढ़ोत्तरी की गई है। अभियुक्त जहांगीर आलम के विरुद्ध आईटी एक्ट के साथ ही बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है।