आजमगढ़ जिले में मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. एनआर वर्मा ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवगांव और 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, लालगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएचसी देवगांव में दो चिकित्सक और एक कनिष्ठ सहायक बिना अनुमति अनुपस्थित मिले। इस पर सीएमओ ने तीनों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
क्या है पूरा मामला
सीएमओ ने सबसे पहले सीएचसी देवगांव का निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं संतोषजनक मिलीं, लेकिन उपस्थिति पंजिका की जांच में कनिष्ठ सहायक विवेकानंद तिवारी, मेडिकल ऑफिसर डॉ. फणीस और मेडिकल ऑफिसर डॉ. राजेश कुमार बिना पूर्व सूचना अथवा स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए।
सीएमओ ने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, लालगंज का निरीक्षण किया। अस्पताल में चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति संतोषजनक मिली और आवश्यक दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थीं। अस्पताल परिसर, ओपीडी और अन्य वार्डों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहतर पाई गई।
निरीक्षण के दौरान मरीजों की संख्या के मुकाबले पंजीकरण काउंटर कम होने से हो रही परेशानी को देखते हुए सीएमओ ने तत्काल एक अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को पंजीकरण और उपचार के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े एवं अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चिकित्सकों और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति अनिवार्य है। ड्यूटी में लापरवाही, अनधिकृत अनुपस्थिति या मरीजों के उपचार में उदासीनता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित और औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा तथा लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।