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आजमगढ़ः यूपिका के नाम पर दूसरी कंपनी बनाकर किया गोलमाल

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आजमगढ़। जनपद में बच्चों के स्कूली ड्रेस वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पर शुरू हुई जांच में दूसरा ही मामला प्रकाश में आने लगा है। यूपिका के नाम पर कपड़ों की खरीद और भुगतान किया गया। लेकिन जांच में पता चला है कि यूपिका के नाम से दूसरी कंपनी बनाकर इस कार्य को अंजाम दिया गया है। फिलहाल अभी जांच अधिकारी इस मामले में बोलने को तैयार नहीं हैं।
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जांच में यह तथ्य सामने आ रहे हैं कि जिस यूपी इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव एसोशिएशन लिमिटेड ने सरकारी फर्म के पैड पर कोटेशन और बिल प्रस्तुत किया उसके नाम पर चेक बनने की बजाए चेक ‘यूपिका’ नाम की किसी दूसरी संस्था के नाम पर चेक काटा गया है। इस तरह के मामले 50 फीसद से अधिक विद्यालयों में सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यदि ठीक से इसकी जांच हो जाए तो इसमें कई अधिकारी व कर्मचारी भी नपेंगे। जिले में कुल 2702 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। उक्त विद्यालयों में करीब 411727 बच्चे अध्ययनरत हैं। उक्त बच्चों को निशुल्क ड्रेस वितरण किया गया था। वर्ष 2020-21 के ड्रेस वितरण में हुई अनियमितता को लेकर विभिन्न शिकायतों के आधार पर चल रही है। जांच में पल्हनी ब्लाक के पांच विद्यालयों के ड्रेस संबंधी अभिलेख की जांच अपर आयुक्त (न्यायिक) संतोष वैश्य ने बुधवार को की। जिसमें एक विद्यालय को छोड़कर शेष चार विद्यालयों ने ‘यूपी इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव एसोसिएशन लिमिटेड’ सरकारी फर्म के पैड पर कोटेशन और बिल प्रस्तुत किया लेकिन चेक फर्जी तरीके से बनी यूपिका यानि उदय प्रताप इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव एसोसिएशन लिमिटेड नामक संस्था के नाम से काट दिया गया। अपर आयुक्त ने इस संबंध में बीएसए से रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों की माने तो पल्हनी ब्लाक के कुल 102 विद्यालयों में से लगभग 70 विद्यालयों में इस तरह की अनियमितता पाई गई है।
ड्रेस वितरण में अनियमितता की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच अपर आयुक्त संतोष वैश्य को सौंपी गई है। अभी जांच रिपोर्ट हमारे पास नहीं आई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है। - विजय विश्वास पंत, मंडलायुक्त, आजमगढ़।
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