आजमगढ़। सूर्यग्रहण की महत्वपूर्ण खगालीय घटना को देखने से गुरुवार को जनपद के लोग वंचित रह गए। सुबह कोहरा छंटने के बाद लोगों को आशा थी कि सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। लेकिन बदली ने लोगों के अरमानों पर पानी फेर दिया। इस वर्ष का यह आखिरी सूर्य ग्रहण था, इसलिए इसे लेकर लोगों में कौतूहल और उत्सुकता दोनों देखने को मिली। हर कोई इस खगोलीय घटना का साक्षी बनने का आतुर था। लेकिन मौसम ने लोगों के अरमानों को पूरा नहीं होने दिया। सुबह के समय घने कोहरा था जो जल्द ही छंट गया लोगों को आशा बंधी कि वह सूर्यग्रहण का अपनी आंखों से देख सकेंगे। लेकिन कोहरा छंटने के बाद बादलों ने आसमान में डेरा डाल दिया जिसके कारण सूर्यग्रहण को देखने से लोग महरूम हुए। श्रद्धालुओं ने इस दौरान पूजा-पाठ व जप कर भगवान सूर्य के मोक्ष की कामना की। सुबह ग्रहण लगने के पूर्व ही बहुत से श्रद्धालुओं ने स्नान आदि कर लिया था। वहीं बहुत से लोगों ने ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान आदि किया। घरों के चूल्हे इस दौरान ठंडे रहे। मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए थे। ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। नगर के ब्रह्मस्थान स्थित बैंकुठ द्वार मंदिर में ग्रहण के बाद मंदिर परिसर की साफ सफाई कर पूजा अर्चना की गई। बहुत से लोगों ने ग्रहण के बाद स्नान कर पूजा पाठ किया और दान आदि कर मंगल कामना की।