आजमगढ़। नागरिकता संशोधन कानून और सीएए के विरोध में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर लगाम लगाने के लिए बंद की गई इंटरनेट सेवा अभी दो दिन के लिए और बाधित रहेगी। डीएम एनपी सिंह की ओर से जारी किए गए आदेश के अनुसार शुक्रवार को जुमे की नमाज के कारण उमड़ने वाली भीड़ और लखनऊ और संभल में हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए गुरुवार रात को ही टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश जारी कर दिए गए थे। लगातार तीन दिन तक इंटरनेट सेवा बाधित रहने से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध 14 दिसंबर को सबसे पहले शिबली कॉलेज परिसर में शुरू हुआ। 16 दिसंबर को भी शहर में भीड़ जुटी और विरोध प्रदर्शन हुआ। 17 दिसंबर को जनपद के मुबारकपुर में विरोध-प्रदर्शन के बीच पथराव किया गया। बड़ी मुश्किल से स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका थी। जांच में पाया गया कि सोशल साइट वाट्सएप, फेसबुक और मैसेंजर आदि के सहारे मैसेज भेजकर युवाओं को भड़काया जा रहा था और लोगों को एकत्रित किया जा रहा है। इसी देखते हुए डीजीपी के निर्देश पर 18 और 19 दिसंबर को जनपद में भी इंटरनेट सेवा बाधित कर दी गई थी। इसके बाद जनपद में तो हालात सामान्य हो गए, लेकिन एनआरसी और सीएए को लेकर सूबे के लखनऊ और संभल समेत अनेक जनपदों में हालात खराब हो गए। शुक्रवार को जुमे की नाम के दौरान भारी संख्या में भीड़ उमड़ती है। जनपद में भी इस दौरान माहौल खराब न हो इसके लिए डीएम ने गुरुवार रात को ही आदेश जारी कर 20 और 21 दिसंबर के लिए भी इंटरनेट सेवा बाधित करा दी। जिलाधिकारी एनपी सिंह ने बताया कि एनआरसी और सीएए को लेकर लखनऊ और संभल समेत अन्य जनपदों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। जनपद में शांति व्यवस्था कायम रखने और स्थिति पर नियंत्रित रखने के लिए अभी दो दिन और इंटरनेट सेवा बाधित रहेगी।