बिफरे कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। नगर संयोजक मिथिलेश चौरसिया ने कहा कि वर्ष 1990 में निहत्थे कार सेवकों पर गोलियां चलाने वाले प्रकरण में जो प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी,
उसकी जांच कराकर दोषी लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अन्यथा वाहिनी आंदोलन को बाध्य होगी। उपाध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा कि आजम खां को सिर्फ जौहर विश्वविद्यालय की चिंता लगी है।
आजम खां द्वारा यह कहा गया कि हम मुस्लिम बच्चों केा पढ़ाना चाहतें हैं, और महामहिम राज्यपाल महोदय इससे नाराज हैं। जबकि अगर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में स्कूलों की संख्या कम नहीं है।
इस दौरान मनोज सिंह, हरिबंश मिश्रा, रामसकल चौहान, शिवप्रकाश चौबे, विशाल यादव, प्रदीप कुमार, राज चौहान, दिनेश चौहान, सुरेश चौहान, अमित सोनकर आदि उपस्थित थे।