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आयुष्मान फर्जीवाड़ा: नोडल डिप्टी सीएमओ को एसपी ने किया तलब

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आजमगढ़। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के मामले में एसपी त्रिवेणी सिंह ने आयुष्मान के नोडल अधिकारी को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय पर तलब किया। वहीं डीएम के निर्देश पर आयुष्मान के सांची मुख्यालय से नए शामिल लोगों डेटा मंगाने की कवायद में स्वास्थ्य महकमा जुटा हुआ है।
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आयुष्मान भारत योजना में गलत तरीके से नाम शामिल किए जाने से लेकर फर्जी भुगतान आदि के मुद्दे पर दिन भर अफवाहों का बाजार गर्म रहा। गुरुवार को एसपी त्रिवेणी सिंह ने आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. वाईके राय को अपने कार्यालय पर तलब किया। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि नोडल अधिकारी को एसपी ने इस योजना के क्रियान्वयन के नियमों की जानकारी के लिए बुलाया था। उनसे यह जानकारी ली गई कि नए नाम कैसे एड होते हैं और कैसे एप्रूव होते हैं। वहीं डीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य महकमा अब तक नए शामिल होने वाले नामों का डेटा आयुष्मान मुख्यालय सांची से मंगाने की कवायद में जुट गया है। सीएमओ ने बताया कि आयुष्मान मुख्यालय को मेल कर दिया गया है। वहां से डाटा आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जिले में कितने नए लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।
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फिलहाल आधा दर्जन नाम आए हैं सामने
सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि फिलहाल आधा दर्जन नये एड हुए लोगों के नाम सामने आए हैं। आयुष्मान की टीम लगातार इन लोगों के बारे में जानकारी कर घर पहुंच कर सत्यापन करा रही है। लोगों में सर्वाधिक लालगंज तहसील साइड के बताए जा रहे हैं। नाम के साथ सिर्फ मोबाइल नंबर ही हमारे पास हैं, जिसके चलते इन लोगों तक पहुंचने में अभी सफलता नहीं मिली है।
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अब भी पुलिस कस्टडी में हैं पकड़े गए तीन लोग
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के मामले में फिलहाल कोई गिरफ्तारी तो नहीं हुई है लेकिन तीन लोगों को पुलिस अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ में जुटी हुई है। तीन दिनों से ये लोग पुलिस की कस्टडी में ही है और अब तक इन्हें छोड़ा नहीं गया है। पुलिस लगातार इनसे पूछताछ कर रही है।
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डीएम ने मांगा है प्रमाण पत्र
आयुष्मान विभाग व सीएमओ के पास वर्तमान में यह आंकड़ा नहीं उपलब्ध है कि कितने नए नाम इस योजना के तहत नए आप्शन के माध्यम से शामिल किए गए हैं लेकिन सीएमओ का दावा है कि योजना की जिला कमेटी ने अभी एक भी नए नाम को एप्रूव नहीं किया है। इस पर डीएम ने सीएमओ से इस बात का लिखित में प्रमाण पत्र मांगा है।
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पूर्व में कई अस्पताल ले चुके हैं फर्जी भुगतान, हुई है वसूली
योजना के तहत कई प्राइवेट अस्पतालों ने योजना के शुरूआत में फर्जी भुगतान लिया हुआ है। इसमें शहर के लछिरामपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल पर करोड़ों में भुगतान लेने का आरोप था। वहीं सिधारी व अतरौलिया क्षेत्र के अस्पताल भी फर्जी भुगतान लेने के आरोप में पकड़े गये थे। इन अस्पतालों पर कार्रवाई तो नहीं हुई लेकिन फर्जी भुगतान की वसूली की जा रही है। ज्यादातर फर्जी भुगतान वापस हो चुके हैं। इस मामले की जानकारी होने पर डीएम ने पूर्व में ही सही फर्जी भुगतान के बाबत नए सिरे से जांच कराने की बात कही।
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जिले में फर्जी भुगतान का वर्तमान में कोई प्रकरण नहीं है। सिर्फ नये नाम एड करने में गड़बड़ी की संभावना हो सकती है। आयुष्मान मुख्यालय से डेटा मंगाया जा रहा है। डाटा आने के बाद उनका सत्यापन कराया जायेगा। इसके बाद ही नये नाम में हुई गड़बड़ी आदि की पुष्टि हो सकेगी। अभी तत्काल में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। - डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।
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