शहर के बड़ा गणेश मंदिर के पास फेकी गई एक्सपायर्ड दवाओं को आखिरकार जिम्मेदारों ने निस्तारित करा दिया। नगर पालिका की जेसीबी से गड्ढा खोदवा कर दवाओं को उसमें दफन कर दिया गया। वहीं कुछ दवाएं सेंपल में लेकर ड्रग विभाग इस बात की जांच में जुट गई है कि दवा किसके द्वारा फेकी गई है। ड्रग इंस्पेक्टर ने जल्द पता लगा लेने का दावा भी किया है।
भारी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाएं रविवार की सुबह बड़ा गणेश मंदिर के सामने बंधा किनारे सड़क की पटरी पर फेकी गई थी। अमर उजाल ने देखा तो सूचना स्वास्थ्य महकमे को दिया। जिस पर सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी व डॉ. संजय ने मौके पर पहुंच कर जांच किया। उन्होंने यह कह कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दिया कि दवा सरकारी नहीं है। सोमवार तक दवाएं जस की तस हालत में पड़ा रहा। ड्रग इंस्पेक्टर से बात हुई तो उन्होंने पहले जानकारी होने से इंकार किया साथ ही कहा कि खुद मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल करती हुई। सोमवार की शाम ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा ने मौका मुआयना कर दवाओं का सेंपल एकत्र करवाया और फिर नपा की जेसीबी को मंगा कर गड्ढा कराने के बाद दवाओं को दफन करा दिया। दवा किसने वहां फेकी है अभी यह ज्ञात तो नहीं हो सका है लेकिन ड्रग विभाग जब जांच की कवायद में जुट गई है।
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आबादी के बीच फेकी गई एक्सपायर्ड दवाओं का सैपल ले लिया गया है। शेष दवाओं को मौके पर ही गड्ढा करवा कर दफन करा दिया गया है। सैंपल के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दवां कहा से लाकर यहां फेकी गई है। जल्द ही यह पता कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीमा वर्मा, ड्रग निरीक्षक, आजमगढ़।