अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा
1249 बच्चों ने दी परीक्षा
- कुल 1803 परीक्षार्थियों में से 554 ने छोड़ी परीक्षा
- कड़ी सुरक्षा के बीच सकुशल संपन्न हुई परीक्षा
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अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन रविवार को नगर के हरबंशपुर स्थित सर्वोदय पब्लिक स्कूल में किया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई इस परीक्षा में कुल 1803 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 554 परीक्षा में अनुपस्थित रहे और 1249 छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठे।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हर वर्ष अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन किया जाता है। हर बार की तरह इस वर्ष की परीक्षा का आयोजन रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे से सर्वोदय पब्लिक स्कूल हरबंशपुर में किया गया। दो वर्गों में हुई परीक्षा में हाईस्कूल वर्ग के कक्षा नौ और 10 के पंजीकृत कुल 723 छात्रों में से 505 शामिल हुए जबकि 218 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार इंटरमीडिएट वर्ग में कुल 1080 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 744 ने परीक्षा दी जबकि 336 अनुपस्थित रहे। इस परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों में काफी उत्साह दिखाई दिया। वह अपने अभिभावकों के साथ सुबह नौ बजे से ही केंद्र पर पहुंचने लगे थे। जिसका परिणाम हुआ कि जब उन्हें प्रवेश देने के लिए छात्र-छात्राओं की अलग-अलग लाइन लगाई गई तो वह मुख्य मार्ग तक पहुंच गई। गेट पर ही प्रवेश पत्र और आईडी चेक कर प्रवेश दिया जा रहा था। साथ ही शिक्षकों द्वारा परीक्षार्थियों को अपने मोबाइल कक्ष निरीक्षक के पास जमा करने का निर्देश दिया जा रहा था। छात्राओं की तलाशी के लिए महिला शिक्षकों केे तैनात किया गया था। वहीं नोटिस बोर्ड पर अपने रोल नंबर से मिलान कर निर्धारित कमरे में पहुंच कर अपनी सीट पर बैठ रहे थे। डेढ़ घंटे तक चली परीक्षा के बाद छात्रों ने कक्ष निरीक्षकों को उत्तर पुस्तिका (ओएमआर शीट) जमा कर दिया। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। हर कमरे में दो कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई थी। जो छात्रों पर बराबर नजर रखे हुए थे। स्कूल के प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद यादव स्वयं शिक्षकों को बराबर निर्देश दे रहे थे। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों के सहयोग से परीक्षा सकुशल संपन्न हुई।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा गरीब मेधावी बच्चों के लिए बहुत ही लाभदायक है। क्योंकि अक्सर गरीब बच्चे आर्थिक तंगी के कारण अपने सुनहरे सपने को पूरा नहीं कर पाते हैं। इस का आयोजन कर हमें बहुत खुशी हुई। कई जनपदों के परीक्षार्थियों का उत्साह के साथ परीक्षा में शामिल होते देखना बहुत ही सुखद रहा।
राजेंद्र प्रसाद यादव, प्रबंधक, सर्वोदय पब्लिक स्कूल।
अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
आजमगढ़। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में शामिल छात्रों से जब उनसे परीक्षा में शामिल होने और पूछे गए प्रश्नों के बारे में पूछा गया तो सभी ने अपना अलग-अलग विचार व्यक्त किया। किसी ने कहा कि पेपर आसान इतना था कि जिसकी उसने कल्पना नहीं की थी। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि इस परीक्षा से आगे की प्रतियोगी परीक्षा में आसानी होगी।
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- पहली बार किसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। इस परीक्षा से हमें आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी में काफी मदद मिलेगी।
सृष्टि यादव, गौरीडीह, मऊ।
- पेपर बहुत अच्छा था। लेकिन पहली बार मैंने इस तरह की परीक्षा में भाग लिया है। पेपर भी अच्छा हुआ है लेकिन मन में एक झिझक थी जो अब दूर हुई है।
निद्रा तिवारी, बारा, मऊ।
- पहली बार किसी प्रतियोगी परीक्षा में बैठने में एक डर लग रहा था कि कैसा पेपर आएगा लेकिन जब पेपर देखा तो सारा डर दूर हो गया। क्योंकि बहुत ही आसान था।
सिंधू सिंह, हरिपरा, मऊ।
- प्रश्नपत्र आसान था, जिसमें बहुत से प्रश्न ऐसे थे हमें पहले से ही आ रहे थे। मन में झिझक थी लेकिन जब प्रश्नपत्र देखा तो सारी झिझक और डर दूर हो गया।
ज्ञानशंकर, महराजगंज, आजमगढ़।
- पहली बार किसी परीक्षा में मैंने एमओआर सीट पर दी जो अच्छा लगा। हालांकि पहले समझ में नहीं आ रहा था लेकिन कक्ष निरीक्षक से पूछा तो सबकुछ समझ में आ गया।
चंदन यादव, महराजगंज, आजमगढ़।
- अभी तो हमने बोर्ड की परीक्षा भी नहीं दी। पहली बार किसी प्रतियोगी परीक्षा में बैठना अच्छा लगा। इससे भविष्य में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में आसानी होगी। क्योंकि पता चला कि इसी प्रकार से प्रश्न आएंगे।
जितेंद्र कुमार, निजामाबाद, आजमगढ़।
- पहले इस तरह की परीक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जिसके कारण मन में एक प्रकार का डर था लेकिन परीक्षा देने के बाद वह डर दूर हो गया।
नगमा बानो, निजामाबाद, आजमगढ़।
- प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किस प्रकार तैयारी की जानी चाहिए। किस प्रकार से परीक्षा में प्रश्न पूछे जाएंगे। इस परीक्षा से हमें आगे तैयारी करने में काफी मदद मिलेगी।
आदर्श श्रीवास्तव, लोहरा, अतरौलिया।
- जबसे फार्म भरा था तभी से इस दिन का इंतजार कर रहा था। प्रश्नपत्र में पूछे गए सारे सवालों को हल किया। माइनस मार्किंग न होने के कारण सारे प्रश्नों के उत्तर लिखा।
आस्था सिंह, नरवे, गंभीरपुर।
- अमर उजाला फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय है। क्योंकि जो बच्चे आगे की पढ़ाई आर्थिक तंगी के कारण पूरा नहीं कर पाते हैं। उनके लिए यह छात्रवृत्ति वरदान से कम नहीं है।
कृष्णा मौर्य, दूधनारा, आजमगढ़।
- परीक्षा को लेकर मेरे द्वारा काफी दिनों से तैयारी की गई थी। जो प्रश्न पूछे गए थे उनमें से ज्यादातर मैंने पढ़े थे। इसलिए मुझे परीक्षा में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
नवनीत पांडेय, अंबेडकर नगर।
- आर्थिक तंगी के कारण बहुत से लोग आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। यह छात्रवृत्ति परीक्षा कई लोगों के आगे पढ़ने को परवान चढ़ाने में सहायक होगी।
साक्षी, पाकड़पुर, माहुल।