जिले में धर्म परिवर्तन के प्रयास पर लगाम नहीं लग रही है। एक बार फिर देवारा क्षेत्र में इसाई धर्म स्वीकार कराने का बड़ा प्रयास हुआ। जिसे लेकर रौनापार थाना के शाहडीह गांव में आक्रोश है। ग्रामीणों ने मंगलवार को थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। इसके बाद विहिप व भाजपा नेताओं के हस्तक्षेप पर देर रात मुकदमा दर्ज किया गया। रौनापार थाना के शाहडीह गांव के ग्रामीण 31 मई को गांव स्थित मंदिर पर पूजा पाठ कर रहे थे। गांव निवासिनी मंती देवी का आरोप है कि पूजा पाठ के दौरान गांव की रहने वाली राजकुमारी देवी पहुंची और ईसाई धर्म स्वीकार करने तथा इसके बदले पांच हजार रुपये दिलाने की बात करने लगी। इसके बाद उसने मंदिर में स्थापित मूर्ति को भी तोड़ने का प्रयास किया। उसके साथ बिंदु पत्नी धर्मदेव, अनिता पत्नी बालमुकुंद, सरोज पत्नी ब्रह्मदेव, सुरेंद्र पुत्र केशभान, देवेंद्र पुत्र केशभान व केशभान पुत्र नान्हू भी शामिल थे। मंती देवी के अनुसार, उक्त लोगों ने पहले ही ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया है और अब गांव के अन्य लोगों को भी धर्मांतरण के लिए दबाव बना रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट भी की जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजकुमारी देवी धमकी भी दे रही है कि यदि धर्मांतरण नहीं किया तो वह उनके परिवार के पुरुषों को छेड़खानी के फर्जी मुकदमे में फंसा देगी।इस बात की जानकारी विश्व हिंदू परिषद के गौरव सिंह व भाजपा के आशीष गुप्ता को हुई तो दोनों मंगलवार को गांव में पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीण थाने पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। सूचना पर सीओ महेंद्र शुक्ला भी मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। देर रात मंती देवी की तहरीर पर सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ सगड़ी महेंद्र शुक्ला ने बताया किधर्म परिवर्तन के प्रयास का मामला सामने आया है। तहरीर के आधार पर सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है।