मनचलों की बाइक की टक्कर से घायल स्कूटी सवार दोनों छात्राओं का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जबकि पुलिस दोषियों को बगैर कोई कार्रवाई छोड़ दी। मंगलवार को उन छात्राओं के समर्थन में छात्र संगठन एनएसयूआई की जिलाध्यक्ष हया नोमानी कार्यकर्ताओं के साथ एसपी से मिलकर कार्रवाई और छात्राओं को पांच लाख की आर्थिक सहायता की मांग की। मांग न पूरी होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
बता दें कि जीयनपुर कोतवाली और सिधारी थाना क्षेत्र की इंटरमीडिएट की दो छात्राएं 23 दिसंबर की शाम सिधारी क्षेत्र में स्थित एक प्राइवेट विद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेकर घर लौट रही थी। जिस वक्त दोनों स्कूटी पर बैठकर वहां से चलीं, तभी एक बाइक पर सवार तीन मनचले पीछे लग गए।
वे सभी छात्राओं को परेशान कर रहे थे। उनसे बचने के लिए छात्राएं भाग रही थीं और डुगडुगवा के पास अनियंत्रित होकर आटोरिक्शा से टकरा गईं। लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोगों ने घेराबंदी कर भाग रहे मनचलों को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। घायल छात्राओं में एक की हालत में सुधार है।
दूसरी की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। उधर पुलिस ने पकड़े गए लड़कों को भी छोड़ दिया। इससे नाराज होकर छात्र संगठन एनएसयूआई की जिलाध्यक्ष हया नोमानी अपने समर्थक विक्रांत गुप्ता, रामजनम चौहान, संगीता, फारुक आदि के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और इलाज के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद करने की मांग की।
साथ ही मांग न पूरी होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। एसओ सिधारी रामनरेश यादव ने बताया कि घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। एसओ ने कहा कि आरोपी नाबालिग हैं। इनके खिलाफ दो दिनों तक तहरीर नहीं मिली थी। इसलिए निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था लेकिन विवेचना में आरोप सिद्ध होने पर गिरफ्तार किया जाएगा।