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Azamgarh News: जलस्तर घटते ही सरयू नही ने कटान तेज की

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सगड़ी के बरामदपुर में जलस्तर घटते ही कटान शुरू। संवाद
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सगड़ी तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा बढ़ गया है। सहवदिया, बरामदपुर, देवारा खास राजा और अचल नगर के सामने नदी ने कटान शुरू कर दी है।
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इससे किसानों की खेती योग्य भूमि धीरे-धीरे नदी में समाती जा रही है। कटान को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत है। बरामदपुर गांव के सामने सरयू की कटान तेज होने से करीब एक दर्जन किसानों की खेती योग्य भूमि नदी की धारा में समा रही है।
किसानों का कहना है कि जलस्तर घटने के बाद नदी की धारा किनारे की जमीन को तेजी से काट रही है। इससे आने वाले दिनों में और जमीन के कटान की आशंका बनी हुई है। किसानों को अपनी फसल और जमीन बचाने की चिंता सताने लगी है।
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दूसरी ओर, नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ का पानी कई स्थानों पर गड्ढों और निचले इलाकों में जमा हो गया है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण गंदगी फैलने की आशंका है। इससे मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार अभी तक गांवों में दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए तत्काल बचाव कार्य कराने के साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।

जलस्तर नहीं घटता तो जोकहरा रिंग बांध मचा सकता था तबाही
लाटघाट। सरयू का जलस्तर समय रहते तेजी से नहीं घटता तो सगड़ी तहसील क्षेत्र में बड़ी तबाही हो सकती थी। बरामदपुर-जोकहरा के बीच जोकहरा रिंग बांध के नीचे से तेज पानी का बहाव होने लगा था। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे दिन पानी बहता रहा, लेकिन सिंचाई विभाग के अवर अभियंता और अधिशासी अभियंता को इसकी जानकारी तक नहीं थी। नदी का जलस्तर घटने से फिलहाल स्थिति टल गई, लेकिन ग्रामीणों में अब भी भय बना हुआ है। जोकहरा रिंग बांध के नीचे से पानी का तेज रिसाव होने के बाद बांध की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। लगातार पानी का बहाव जारी रहता तो बांध के कटने का खतरा पैदा हो सकता था। इससे सहसपुरा और टेकनपुर समेत आसपास के कई गांव प्रभावित हो सकते थे। ग्रामीणों का कहना है कि बांध कटने की स्थिति में बड़ी जनहानि और भारी नुकसान की आशंका थी। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर बांध की नियमित निगरानी नहीं करने का आरोप लगाया।

बदरहुआ 30 सेमी और डिघिया में 66 सेमी की गिरावट
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में सोमवार को तेजी से गिरावट दर्ज की गई। बदरहुआ और डिघिया नाले पर रविवार शाम की तुलना में सोमवार को जलस्तर नीचे आया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि जलस्तर घटने के बाद कुछ स्थानों पर कटान का खतरा बढ़ गया है। रविवार शाम चार बजे बदरहुआ नाले पर जलस्तर 71.67 मीटर दर्ज किया गया था। सोमवार को इसमें 30 सेंटीमीटर की गिरावट हुई और जलस्तर 71.37 मीटर पर पहुंच गया। बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। यहां नदी का अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर और न्यूनतम 70.25 मीटर दर्ज किया गया है। इसी तरह डिघिया नाले पर रविवार को जलस्तर 71.85 मीटर था, जो सोमवार को 66 सेंटीमीटर घटकर 70.49 मीटर हो गया। डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। सोमवार को जलस्तर खतरे के निशान से महज नौ सेंटीमीटर ऊपर रहा। यहां अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर और न्यूनतम 68.90 मीटर है।
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बंधे के नीचे रिसाव था, जिसे कर्मचारियों के समय रहते बंद कर दिया। जहां कटान की संभावना है, वहां उपाय के इंतजाम किए जा रहे हैं।

वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड।
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