प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग मुकेश मेश्राम की प्रेरणा से डीएम विशाल भारद्वाज के मार्गदर्शन, सीडीओ परीक्षित खटाना के संयोजन में इस बार 24वें आजमगढ़ पुस्तक मेले का आयोजन होगा। 25 नवम्बर से 2 नवंबर तक चलने वाला मेले का आयोजन हरिऔध कला भवन में होगा।
जिला प्रशासन की पहल पर गंगा समिति के माध्यम से प्रकृति रक्षा की अपील के साथ आठ दिवसीय इस उत्सव का थीम ‘आओ मनाएं किताबों के संग उत्सव’ है। आयोजन में नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत सरकार, साहित्य अकादमी, एनसीईआरटी, राजकमल प्रकाशन समूह, वाणी प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ, किताबघर और गीता प्रेस जैसे दर्जनों प्रकाशक हिस्सा लेंगे।
वनमंडल अधिकारी जीडी मिश्रा ने बताया कि पुस्तक मेले का उद्घाटन 25 नवम्बर को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज द्वारा किया जायेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीओ करेंगे। उन्होंने बताया कि मेले के मंच पर आजमगढ़ की पर्यावरण स्थिति पर मंथन करने के लिए आईसीएआर के वैज्ञानिकों का समूह शिरकत करेगा।
साहित्यकार जगदीश चन्द्र बर्नवाल कुन्द ने अस्वस्थ होते हुए भी सभी साहित्यकारों, शिक्षकों और जनता से अपील की है कि 24 वर्ष के इस सफर में समाज के सभी वर्ग बढ़चढ़ कर हिस्सा लें। आयोजन समिति सदस्य अनामिका राय, प्रभात कुमार बर्नवाल, विकल्प रंजन ने संयुक्त रूप से बताया कि पुस्तक मेले को हरिऔध कला भवन में आयोजित करने का उद्देश्य आजमगढ़ की साहित्यिक विरासत को नयी पीढ़ी से रूबरू कराना है। समन्वयक रीता राय ने बताया कि पुस्तक मेला साहित्येतर विषयों यानी समकालीन प्रश्नों के माध्यम से साहित्य के क्षितिज के विस्तार का अभिनव प्रयोग है।
मेले में निम्न विषयों पर होगी कार्यशाला एवं विमर्श
25 नवम्बर-पुस्तक मेले का उद्घाटन
26 नवम्बर-प्रकृति ही संस्कार है
27 नवम्बर-मेरा पानी मेरी विरासत, पानी की संस्कृति
28 नवम्बर-मेरा इतिहास, मेरा गौरव
29 नवम्बर-दुर्घटनामुक्त आजमगढ़, सुरक्षित आजमगढ़
30 नवम्बर-औरत की दुनिया
1 दिसम्बर-पराली प्रबन्धन कार्बनमुक्त समाज,
2 दिसम्बर-पुरस्कार वितरण समारोह।