भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक फ्रैंक इस्लाम ने कहा कि भारत में भ्रष्टाचार और सरकारी नीतियों का सही क्रियान्वयन न होने से विदेशी उद्योगपति यहां आने से कतराते हैं। यहां की बैंकिंग प्रणाली भी उनके लिए एक बड़ी अड़चन है। उन्होंने ये बातें शुक्रवार को अपने जन्म स्थली कौरा गहनी में पत्रकारों से कहीं।
वाराणसी को आईटी हब के रूप में विकसित करने से संबंधी उनकी योजना के बाबत कहा कि सरकारों के बीच तालमेल के अभाव में यह प्रोजेक्ट अधर में है। वैसे अपने स्तर से मैं इसे साकार करने का प्रयास कर रहा हूं।
फ्रैंक इस्लाम बरवक्त अमेरिका के नागरिक और एफआई इन्वेस्टमेंट ग्रुप के हेड हैं। शुक्रवार को वह अपने पैतृक गांव सरायमीर थाना क्षेत्र कौरा गहनी आए थे। यहां उनके रिश्तेदार तलत फिरोज अलीग के घर पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
बता दें कि इससे पूर्व के दौरे में उन्होंने वाराणसी को आईटी हब के रूप में विकसित करने और गांव में लड़कियों की शिक्षा के लिए आईटी कॉलेज की स्थापना और भारत में अमेरिकी उद्योगपतियों के सहयोग से उद्योग लगवाने की बात की थी। इस मुद्दे से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वह प्रयासरत हैं।
अमेरिका में बिजनेस कम्यूनिटी के प्रेसीडेंट से बात भी हुई है लेकिन भारत में भ्रष्टाचार के कारण उद्योगपति यहां आने से कतरा रहे हैं, इसके अलावा यहां की बैंकिंग कार्यप्रणाली भी उनके लिए एक बड़ी अड़चन है। गांव में गर्ल्स आईटी कॉलेज की स्थापना में देरी पर कहा कि एफसीआर (विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम) के चलते पैसा नहीं आ पा रहा है। इस्लाम ने कहा कि यहां उन्होंने कक्षा 5वीं तक की पढ़ाई की।