फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लंपी स्किन डिजीज को लेकर जिले में अलर्ट पर पशुपालन विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। प्रदेश में दस्तक दे चुकी लंपी स्किन डिजीज को लेकर आजमगढ़ में पशु पालन विभाग अलर्ट है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बीमारी से पशुओं के बचाव के लिए पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अभी तक जिले में इस बीमारी का कोई केस नहीं आया है। लेकिन तमाम पशु चिकित्सक अलर्ट पर हैं और विभाग के आला अधिकारियों की गाइडलाइन फोलो की जा रही है। पशुपालन विभाग के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेंद्र पांडेय के मुताबिक जिले में 58 राजकीय पशु अस्पताल 47 पशु सेवा केंद्र हैं। जिले में नौ लाख 38 हजार 211 भैंस और गाय हैं। वहीं, विभागीय चिकित्सकों के मुताबिक यह मुख्य रूप से गोवंश एवं भैंसों में फैलने वाला वायरस जनित रोग है। इस बीमारी में गायों में शरीर पर गांठें हो जाती हैं जो बाद में घाव में बदल जाती है। इसके अलावा तेज बुखार, नाक व मुंह से पानी का गिरना, भूख नहीं लगना आदि लक्षण भी दिखाई देते हैं। मुख्य पशु चिकित्सक डा. धर्मेंद्र पांडेय का कहना है कि इस बीमारी के फैलाव का मुख्य कारण मक्खी, मच्छर व चींचड़ के माध्यम से होता है। यह पशुओं की लार, दूषित चारा व पानी से भी फैल सकता है।
विज्ञापन

बीमारी आने पर क्या करें
- गोशालाएं व पशुपालक अपने बीमार गोवंश को बाहर चराने के लिए न भेजें।
- बीमार पशुओं को स्वच्छ पशुओं से अलग रखें।
- उपचार के लिए तुरंत किसी नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
- पशुओं के बाड़े को साफ सुथरा रखें।
- बाड़े में नियमित रूप से मच्छर-मक्खी रोधी दवा का छिड़काव करें एवं नीम व गूगल की पत्तियों का धुआं करें।
- पशुओं में सामान्य लक्षण दिखाई देने पर एवं बुखार रोधी दवा अवश्य दें।
- पशुओं को फिटकरी या लाल दवा से दिन में दो बार स्नान कराएं।
--------------
गठित हुई रैपिड रिस्पांस टीम
आजमगढ़। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि जिले में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है। रैपिड रिस्पांस टीम गांवों में जाकर पशुओं की जांच करेगी। साथ ही लंपी स्कीन डिजीज के बारे में पशुपालकों को जागरूक करेगी। यदि कोई भी पशु इससे प्रभावित होगा तो उसका उपचार भी करेगी।
एक नजर विभागीय आंकड़ों पर
गाय - 460458
भैंस - 477542
पशु चिकित्सालय - 58
पशु सेवा केंद्र - 47
द श्रेणी औषधालय - 07
पशु चिकित्सक - 30
सीवीओ डॉ. धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि बीमार पशुओं को पौष्टिक आहार एवं पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएं। जिले में लंपी स्किन डिजीज से किसी पशु के पीड़ित होने की अभी कोई जानकारी नहीं है। लेकिन आला अधिकारियों की गाइडलाइन को फॉलो किया जा रहा है। जिले के सभी चिकित्सकों को अलर्ट किया गया है। कैंप लगाकर पशुपालकों व गोशाला संचालकों को जागरूक भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें