सगड़ी। अधिवक्ता समिति सगड़ी ने एसडीएम गौरव कुमार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर करते हुए बृहस्पतिवार से उनके न्यायालय का बहिष्कार शुरू कर दिया। राज्य विधिज्ञ परिषद उप्र प्रयागराज के सह अध्यक्ष जय नारायण पांडेय को शिकायती पत्र देकर एसडीएम के कहीं अन्यत्र स्थानांतरण की मांग की है। उपजिलाधिकारी सगड़ी गौरव कुमार और अधिवक्ता समिति सगड़ी के बीच में पिछले दिसंबर माह से ही न्यायिक कार्यों में सामंजस्य नहीं बैठ पा रहा है। जिसको लेकर बार और बेंच में अक्सर तनातनी बनी रहती है। दिसंबर 2021 में उप जिलाधिकारी और एक अधिवक्ता के बीच कहासुनी तथा लेखपाल अमित सिंह और अधिवक्ता प्रतीक यादव के बीच मारपीट को लेकर लगभग 42 दिनों तक वकीलों का आंदोलन चला। उच्चाधिकारियों ने हस्तक्षेप किया तो न्यायिक कार्य शुरू हो गया। अधिवक्ता समिति सगड़ी के अध्यक्ष ओंकार नाथ त्रिपाठी ने बताया कि प्रतीक यादव के मामले का निस्तारण आज तक नहीं हो पाया। इसी बीच एडवोकेट दुर्गेश मिश्र के विभाजन के मामले में विधि के विपरीत उप जिलाधिकारी द्वारा कब्जा करा दिया गया। एसडीएम का रवैया वकीलों के प्रति उचित नहीं है। 31 मार्च को मैंने एसडीएम को पत्र लिखकर इस संबंध में वार्ता करने को कहा था। मेरे पत्र पर उपजिलाधिकारी ने 6 अप्रैल को समय दिया। वार्ता भी हुई, मामले हल करने की सहमति भी बनी लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसे पूरी समिति काफी दुखी है। अध्यक्ष ओंकार नाथ त्रिपाठी, मंत्री सूर्यभान यादव, कोषाध्यक्ष मनसा यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि राज्य विधिज्ञ परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज के सह अध्यक्ष जय नारायण पांडे को पत्रक देकर पूरी घटना से और उपजिलाधिकारी के रवैए से अवगत कराया गया है। मांग की गई है कि उपजिलाधिकारी का स्थानांतरण सगड़ी से कराया जाना आवश्यक है।