केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2015 को रद्द किए जाने की मांग करते हुए सोमवार को वाम जनवादी दलों के साथ अन्य संगठनों ने संयुक्त रूप से जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया।
इस दौरान कलेक्ट्री कचहरी से जुलूस निकाला गया। कार्यकर्ता अध्यादेश विरोधी नारे लगाते हुए डा. अंबेडकर पार्क, कलेक्ट्रेट चौराहा, नेहरू हाल, एसपी कार्यालय होते हुए कलेक्ट्रेट चौराहे पर पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं ने अध्यादेश की प्रतियां फूंकी। बाद में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा, इसमें अध्यादेश को रद करने की मांग की गई है।
कलेक्ट्रेट पर धरना सभा को संबोधित करते हुए इम्तियाज बेग ने कहा कि इस अध्यादेश को रद्द करने के साथ-साथ मोदी सरकार को अध्यादेश राज लागू करने से रोकने के लिए राष्ट्रपति अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें।
जयप्रकाश नारायण ने कहा कि इस अध्यादेश के लागू होते ही किसानों की भूमि की लूट की रफ्तार पहले की तुलना में और तेज हो जाएगी। हमारे देश के ज्यादातर किसान कृषि संकट के चलते आत्महत्या कर रहे हैं। खाद्यान्न का संकट गहराता जा रहा है। गांवों से श्रम का पलायन बढ़ रहा है। दूसरी तरफ भूमि अधिग्रहण के लिए केंद्र सरकार नया अध्यादेश लाने की व्यवस्था कर रही है।
उन्होंने इस अध्यादेश को किसान विरोधी बताया। साथ ही इसे रद्द करने की मांग की। कहा कि यदि केंद्र सरकार ने हमारी मांगों पर विचार कर कोई सार्थक कदम नहीं उठाया तो वृहद आंदोलन शुरू किया जाएगा। धरने में डा. रवींद्रनाथ राय, शिवनरायन यादव, अनिल कुमार राय, राम संभार प्रजापति, अनिल चतुर्वेदी, बसंत प्रसाद, अफजल हुसेन, जयप्रकाश राय, रामअजोर यादव, कन्हैया लाल, रामाश्रय यादव, दान बहादुर मौर्य, डा. डब्लू एच खान, शिवधन यादव, रामअधार चौहान, रामजीत प्रजापति, रामसूरत यादव, श्रीकांत सिंह आदि उपस्थित थे।