रानी की सराय। कोटिला से मंगरावां मार्ग के निर्माण को मानक के विपरीत कराने का आरोप राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के पदाधिकारियों ने लगाया है। कहा कि यदि मांग पूरी नहीं होती है तो आंदोलन करेंगे। कोटिला से मंगरावां मार्ग की कुल लंबाई 9.20 किमी है। उक्त मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत किया जा रहा है। इसकी कुल लागत 8 करोड़ 92 लाख है। लालगंज की पूर्व सांसद संगीता आजाद ने इसका शिलान्यास किया था। भरोसा दिलाया था कि जल्द कार्य शुरू हो जाएगा। लेकिन शिलान्यास के लगभग एक साल तक कार्य शुरू नहीं हुआ। बाद में कुछ संगठन और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया तो किसी तरह कार्य शुरू हो गया। कार्यदायी संस्था ने कोटिला बाजार से 500 मीटर दूर तक कार्य कराया। लेकिन आगे आठ किमी तक की स्थिति जस की तस रही। काफी दिनों बाद कार्य शुरू हुआ है। उसमें भी मानक की अनदेखी की जा रही है। राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के जिला महासचिव मोतिउल्लाह ने निर्माण कार्य में मानक के विपरीत कार्य किए जाने का आरोप लगाया है। मार्ग की कुल लंबाई 9.20 किमी है। इसका मानक नौ इंच है, दो किमी और 400 मीटर कंकरीट है। ककंरीट का काम नहर की पुलिया से शुरू हुआ है, मार्ग का मानक लगभग नौ इंच है, लेकिन वहां काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि मार्ग का निर्माण पांच इंच का कराया जा रहा है। वहीं, क्षेत्र के मोहम्मद अरशद, मोहम्मद अजीम, मोहम्मद कामिल, दूधनाथ यादव, दिलशेर, राममिलन, दर्शन चौरसिया आदि ने भी मार्ग के निर्माण में धांधली का आरोप लगाया है।
कोट
मेरे डीवीआर में पांच इंच ढालने का भरा गया है। वह भी पांच इंच में ही ढाली गई है।
राजेंद्र यादव,एई