आजमगढ़। जिले की सभी साधन सहकारी समितियों (बी पैक्स) को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। समितियों का सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा। इससे समिति के कार्यों में पारदर्शिता आएगी वहीं, सरकार एक जगह से समितियों का रिकॉर्ड, व्यवसाय जब चाहेगी तब देख सकेगी।
वर्तमान में जनपद में 250 साधन सहकारी समितियां हैं। केंद्र में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद सरकार समितियों को समृद्ध बनाने के लिए कई कदम उठा रही है ताकि किसानों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी समितियों से लाभ मिल सके। कई समितियों पर जन औषधि केंद्र, सीएससी, ऋण की सुविधा उपलब्ध लोगों को कराया जा रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने सभी समितियों को कंप्यूटरीकृत करने का निर्णय लिया है। इस पर काम भी शुरू हो चुका है। समितियों का रिकॉर्ड, उर्वरकों की बिक्री, धान, गेहूं खरीद व अन्य व्यवसाय ऑनलाइन होंगे। समितियों के ऑनलाइन होने से जहां काम तेजी से होगा वहीं पारदर्शिता भी आएगी। सरकार आसानी से हर समितियों के व्यवसाय पर नजर रख सकेगी। जिले में 250 समितियों में से 208 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। प्रत्येक समिति पर चार लाख से अधिक खर्च होंगे। पहले और दूसरे चरण में 30- 30 और तीसरे चरण में 148 समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। इनका कार्य पूरा होने के बाद बची समितियों के कंप्यूटरीकृत करने का काम शुरू होगा। जिन समितियों पर कंप्यूटर लगाया गया है वहां के सचिव या पार्ट टाइम ऑपरेटर को जिला सहकारी बैंक प्रशिक्षण देगा।
30 समितियों का हो रहा डाटा फीडिंग
पहले चरण में चयनित 30 साधन सहकारी समितियों पर कंप्यूटर, सीपीयू, इन्वर्टर, लगाया जा चुका है। यहां पर अब डाटा फीडिंग का काम चल रहा है। वहीं, दूसरे चरण में चयनित समितियों पर कंप्यूटरीकृत करने का काम शुरू हुआ है जबकि तीसरे चरण की चयनित समितियों पर जून, जुलाई से कंप्यूटरीकृत करने का काम शुरू होगा।
जिले की सभी समितियों का लेखा जोखा अब ऑनलाइन होगा। कंप्यूटरीकृत करने के लिए 208 समितियां चयनित की गईं हैं। 30 समितियों को कंप्यूटरीकृत करने का काम पूरा हो चुका है जबकि 30 पर काम चल रहा है। इससे समितियों के कार्यों में पारदर्शिता आएगी। सरकार इस पर आसानी से नजर रख सकेगी।- अजय कुमार, एआर सहकारिता।