पीड़ित पक्ष की ओर से डीजीसी फौजदारी एवं एडीजीसी ने कुल नौ गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। शुक्रवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हुसैन अहमद, मोहम्मद अयूब फैजी, फहीम अख्तर, असरार अहमद, मोहम्मद याकूब, अली जहीर, इरशाद, मोहम्मद असद, अफजाल, अलाउद्दीन, दिलशाद और वसीम को अली अकबर की हत्या का दोषी करार दिया था।
मंगलवार को न्यायालय ने सभी 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय के फैसले में जिन आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, उनमें तीन सगे भाई भी शामिल हैं। तीनों सगे भाइयों में मोहम्मद अयूब फैजी, फहीम अख्तर और मोहम्मद याकूब का नाम शामिल है।