- 40 वर्ष पुराने स्कूल भी मदद के दायरे में, 25 लाख से 1.25 करोड़ तक का मिलेगा अनुदान
- डीएम की अध्यक्षता में बनेगी पांच सदस्यीय कमेटी, प्रोजेक्ट अलंकार के तहत बदलाव
संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। जिले के जर्जर अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों को संवारने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। अब विद्यालयों को उनकी छात्र संख्या के आधार पर वित्तीय मदद मिलेगी। इस नई व्यवस्था के तहत 25 लाख रुपये से लेकर 1.25 करोड़ रुपये तक का अनुदान मिलेगा, इससे भवन मरम्मत, कक्षाओं के पुनर्निर्माण, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा सकेगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रोजेक्ट अलंकार के तहत नियमों में बदलाव किया गया है। जिले में 97 एडेड माध्यमिक विद्यालय हैं, इनमें बड़ी संख्या में स्कूलोस्के भवन जर्जर हो चुके हैं। अभी तक केवल 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने विद्यालयों के जर्जर भवनों के नवनिर्माण पर कुल लागत का 75 प्रतिशत राज्य सरकार और 25 प्रतिशत प्रबंधतंत्र को वहन करना होता था। नई व्यवस्था के तहत अब 40 वर्ष पुराने विद्यालयों को भी मदद मिलेगी। छात्र संख्या 300 से 500 तक होने पर विद्यालय को 25 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, जबकि 2001 से अधिक छात्र संख्या होने पर यह अनुदान 1.25 करोड़ रुपये तक दिया जाएगा। अन्य श्रेणियों में भी छात्र संख्या के अनुसार सहायता राशि निर्धारित की जाएगी। कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा प्रबंधतंत्र को वहन करना होगा, जिसे वह सांसद-विधायक निधि अथवा कंपनियों की सीएसआर निधि से प्राप्त कर सकेंगे।
कोट
योजना के क्रियान्वयन के लिए हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। इसमें सीडीओ, अधिशाषी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग और वित्त एवं लेखाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
उपेंद्र कुमार,डीआईओएस