शहर के तमसा नदी डूब क्षेत्र में बने मकान।-प्लान खबर की फोटो
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लाटघाट। जनपद में अभी बाढ़ का खतरा टला नहीं हैं। सगड़ी तहसील से होकर गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में बुधवार को बदरहुआं गेज पर नौ सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जबकि डिघिया गेज पर दो सेमी की घटोत्तरी दर्ज की गई। वहीं नगर की जीवनदायिनी तमसा में भी बुधवार को घटाव दर्ज किया गया।
नगर की जीवनदायिनी तमसा ने 2005 के बाद अपने रौद्र रूप से हर किसी को दहला दिया है। नदी ने यह बता दिया है कि अगर तुमने हमें रौंदना बंद नहीं किया तो एक दिन यह तुम्हारे लिए मुसीबत का सबब होगा। नदी के बढ़ते जलस्तर ने जहां हर किसी को खौफजदा कर दिया था वहीं बुधवार से नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिली। नदी के जलस्तर में बढ़ाव के कारण निचले इलाकों में भरे पानी को बाहर निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई दिनों से लोग घरों में कैद हो कर रह गए हैं। नदी के जलस्तर में कमी होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तर बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है। जिससे तटवर्ती गांव में दहशत व्याप्त है। जल स्तर बढने के साथ ही नदी की कटान तेज हो गई है। मंगलवार को बदरहुंआ नाले पर शाम चार बजे नदी का अधिकतम जलस्तर 71.35 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुद्धवार की शाम चार बजे नौ सेमी बढ़कर 71.44 मीटर हो गया। जबकि न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर ही रहा। बदरहुंआ गेज पर नदी का अधिकतम खतरा बिंदु 72.98 मीटर और न्यूनतम खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर मंगलवार को अधिकतम जलस्तर 70.30 मीटर से दो सेमी घटकर 70.28 मीटर हो गया। जबकि न्यूनतम जल स्तर 68.90 मीटर ही रहा। यहां पर नदी का अधिकतम खतरा बिंदू 72.10 मीटर और न्यूनतम 70. 40 मीटर है। घाघरा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी मामूली ही रही है। जिससे तटवर्ती इलाकों को कोई खतरा नहीं है। लेकिन तेजी से हो रही कटान के कारण लोगों में दहशत व्याप्त है।
सूचना देने में नाकाम बाढ़ कंट्रोल रूम
आजमगढ़। तमसा और घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। यहां पर कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है। लेकिन यह केंद्र सिर्फ नाम के लिए बना है। यहां तैनात कर्मचारी कभी भी सुबह और शाम का गेज नहीं बता सके। इनका कहना होता है कि शाम को तमसा नदी का गेज नहीं मापा जाता है। वहीं बुधवार को जब तमसा नदी के गेज की जानकारी के लिए जब कंट्रोल रूम में फोन किया गया तो कर्मचारी ने कहा कि बिजली नहीं है चारो ओर अंधेरा है इसलिए कुछ भी बताना असंभव है। आप लोग अधिकारी को फोन कीजिए वहीं बता पाएंगे।