निजामाबाद। कस्बा में सोमवार की रात सचल रामलीला के मंचन के दौरान एक विवादित जमीन पर केसरिया झंडा लगाने पर विवाद हो गया। दो पक्ष आमने-सामने हो गए। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अमले ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया और दशहरा मेला के बाद इस विवाद को आपसी सहमति से निपटाने की बात कहते हुए सहमति पत्र पर दोनों पक्षों से हस्ताक्षर लिया।
निजामाबाद में लगभग 100 सालों से सचल रामलीला का मंचन होता है। रामलीला समिति ने शिवाला घाट स्थित एक कुएं को किष्किंधा पर्वत बनाया गया है। यहां रामलीला की टीम सोमवार की रात नौ बजे के लगभग पहुंची। इसके बाद यहां एक केसरिया झंडा लगा दिया गया।
इस झंडे को लेकर दूसरे पक्ष के लोग विरोध पर उतर आए। मामले की जानकारी होते ही एसडीएम रवि कुमार, सीओ सदर सौम्या सिंह भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गईं। दोनों पक्षों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। इसके बाद एक सहमति पत्र बना जिसमें दशहरा मेले के बाद नगर पंचायत द्वारा झंडा हटा लिए जाने व विवाद का निस्तारण किए जाने की बात लिखी गई है। दोनों पक्षों के तरफ से हस्ताक्षर भी करा लिए गए हैं। समझौता पत्र के बाद कस्बे में शांति का माहौल है लेकिन कहीं न कहीं दोनों पक्षों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। वहीं विवाद को देखते हुए फोर्स की तैनाती भी कस्बे में बढ़ा दी गई है।