मेंहनगर। जमानत पर रिहा होने के बाद गांव में आए आरोपियों ने विपक्षी के दरवाजे पर पहुंचकर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने थाने में तहरीर देकर आराेपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
मेंहनगर थाना क्षेत्र के देवइत गांव में दो पट्टीदार के बीच मेड़ काटने को लेकर 12 नवंबर 2015 को विवाद हो गया था। जिसमें पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। मृतक के पुत्र कैलाश यादव की तहरीर पर गांव के ही फूलचंद, बालचंद, संजय, सोनू, राजेश के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। 14 मई 2024 को दीवानी न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश आजमगढ़ कोर्ट नं-2 से आजीवन कारावास व आर्थिक दंड की सजा सुनाई गई। उपरोक्त मुजरिमों में चार अभियुक्त उच्च न्यायालय प्रयागराज से जमानत पर छूटकर घर आए। इसके बाद 17 अगस्त की रात कैलाश के दरवाजे पहुंचे और ईंट-पत्थर चलाने लगे। साथ ही मुकदमे में पैरवी न करने की बात कहकर जान से मारने की धमकी दी। थानाध्यक्ष अनुराग कुमार ने बताया कि तहरीर मिली है, सुरक्षा की दृष्टि से दो गार्ड को लगाया गया है। जांच पड़ताल कर विधि कार्रवाई की जा रही है।